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जेल से भाग रिया था आतंकी 'मोटू' मसूद अजहर, पर तोंद फंस गई

आतंकियों ने छु़ड़ाने के लिए सुरंग बनाई थी. पर वो इतना थुलथुल था कि बीच में ही फंस गया. सुरंग से बैरंग लौटना पड़ा.

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फोटो - thelallantop
पठानकोट हमले में जैश-ए-मोहम्मद चीफ मौलाना मसूद अजहर का नाम आ रहा है. वही मसूद अजहर जिसे छु़ड़ाने के लिए साल 1999 में कंधार प्लेन हाइजैक किया गया था. इससे पहले भी मसूद अजहर को छुड़ाने की कोशिश की गई थी, लेकिन जो चीज आड़े आ गई वो थी मसूद का मोटापा. जब वह कोट भलवल जेल में कैद था तो उसे छुड़ाने के लिए आतंकियों ने तीन कोशिशें की थीं. जून 1999 में कोट भलवल जेल में दंगा हो गया था. सज्जाद अफगानी और दूसरे आतंकियों ने जेल में सुरंग खोदी. उसी रास्ते से मसूद को भी भागना था. आतंकियों ने कहा जनाब आएंगे, जनाब आएंगे. पर रास्ता जरा संकरा था. जनाब 6 फुट तक गए होंगे, फिर लगा कि तोंद फंस जाएगी.  मजबूरन वापस आ के जेल में बैठ गए. 'वॉन्टेड' का सीन याद आया ना? जब गनी भाई जेल से भागने की कोशिश करता है. खैर, इसके बाद कंधार प्लेन हाइजैक की साजिश रची गई और मसूद अजहर को छुड़ा लिया गया. मसूद को आतंकियों के नेटवर्क में 'मोटू' कह के चिढ़ाया जाता था. कोट भलवल जेल में कैद रहने के दौरान उसने खुफिया एजेंसियों को बताया था, 'मैं अफगानिस्तान के युवार में एक आतंकी ट्रेनिंग कैंप में गया. मैं 5 फीट 3 इंच का छोटे कद का थुलथुल आदमी था जो ट्रेनिंग नहीं कर पाता था. मैं पानी भरे नालों को नहीं पार कर पाता था. दूसरे आतंकी मोटू कहकर मजाक उड़ाते थे. मैं 40 दिन का ट्रेनिंग प्रोग्राम भी पूरा नहीं कर पाया. मुझे खारिज कर दिया गया.'

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