डायरेक्टर अली अब्बास ज़फर के साथ ही प्रोड्यूसर हिमांशु मेहरा, शो के लेखक गौरव सोलंकी और अभिनेता मोहम्मद ज़ीशान अय्यूब ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में हुई एफआईआर के खिलाफ तीन अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं.
जस्टिस अशोक भूषण, आर. एस. रेड्डी और एमआर शाह की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा,
''आपकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता असीमित नहीं है. आप ऐसे किरदारों के रोल नहीं निभा सकते, जिन्हें निभाने से किसी समुदाय की भावनाएं आहत हों''.एमपी, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी वेब सीरीज़ से जुड़े लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इनमें विभिन्न राज्य सरकारों और पुलिस अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है. # Tandav से डिलीट किए गए दो सीन आपको बता दें कि 'तांडव' के मेकर्स ने सीरीज़ से विवादित सीन्स को पहले ही हटा दिया है. डायरेक्टर अली अब्बास ज़फर ने बीते दिनों पूरे टीम की तरफ से लोगों से माफी भी मांगी थी. जिन दो सीन्स को सीरीज़ से हटाया गया है, उनमें से एक ज़ीशान अय्यूब का है. जिसके स्क्रीन शॉट भी सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे थे. इस सीन में ज़ीशान का किरदार शिवा, कॉलेज प्ले में हिंदू भगवान महादेव का रोल प्ले कर रहा है. इसी प्ले में भगवान शिव और नारद मुनी के बीच की बातचीत को हटा दिया गया है.

'तांडव' सीरीज़ में ज़ीशान अय्यूब का वो सीन जिसे लेकर खूब बखेड़ा खड़ा हुआ है.
दूसरा सीन तिग्मांशु धूलिया का है. जिसमें वो बतौर देवकी नंदन सिंह, दलित लीडर कैलाश कुमार यानी अनूप सोनी की बेइज्ज़ती करते हैं. इस सीन को लेकर भी सोशल मीडिया पर बवाल हुआ था. बीते दिनों खबर आई थी कि लखनऊ में हुई एफआईआर की जांच करने, उत्तर प्रदेश से एक स्पेशल टीम मुंबई पहुंची थी. जिसने अली अब्बास ज़फर से पूछताछ भी की.

'तांडव' के डायरेक्टर अली अब्बास ज़फर का पोस्ट जिसमें उन्होंने विवादित सीन को सीरीज़ से हटवाने का आश्वासन दिया था.
'तांडव' में सैफ अली खान, डिंपल कपाडिया, सुनील ग्रोवर, तिग्मांशु धूलिया, डिनो मोरिया, कुमुद मिश्रा, मोहम्मद जीशान, अय्युब, गौहर खान और कृतिका कामरा जैसे एक्टर्स नज़र आए हैं.
























