The Lallantop

NIT श्रीनगर में हुआ क्या है, यहां देखें

'भारत माता की जय' बनाम 'कश्मीर की आजादी' के नारे और पुलिस की लठबाजी.

Advertisement
post-main-image
फोटो - thelallantop
NIT श्रीनगर में क्या हुआ? अब तक जो खबरें सामने आ रही हैं, उनके मुताबिक:
इंडिया क्रिकेट मैच हार चुका था. NIT श्रीनगर में भारत की हार के बाद 'कश्मीर की आजादी' के नारे लगे. पटाखे-वटाखे फोड़े गए. नारे लगाने वाले लोकल स्टूडेंट्स और लोकल लोग थे. उनके जवाब में बाहर के लड़कों ने 'भारत माता की जय' के नारे लगाए. ये वो लड़के थे जो एनआईटी के हॉस्टल्स में रहते हैं और ज्यादातर बाहर से आए हैं. उसके बाद हालात बिगड़े. रात को हॉस्टल में पत्थर फेंके गए. छात्रों का आरोप ये भी है कि ऐसा पिछले दो-तीन दिन से बाहर के छात्रों पर अटैक बढ़ गए थे.
https://www.youtube.com/watch?v=fmpEu2_K5j0
सुबह फिर कुछ छात्र 'भारत माता की जय' के नारे के साथ निकले. हाथ में तिरंगा भी था. इस बीच एनआईटी के डायरेक्टर प्रो. रजत गुप्ता से रात में हुए हमले की शिकायत की गई थी. उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया. पुलिस बुला ली गई. कुछ कहते हैं कि लोकल लड़कों ने पुलिस बुलाई, कुछ कहते हैं कि एनआईटी वालों ने बुलाई. पर बात ये रही कि पुलिस आई. और उसने उन बच्चों को लाठियों से पीटा जो 'भारतमाता की जय' के नारे लगा रहे थे. घटना के जितने वीडियो उपलब्ध हैं, उनमें ये दृश्य देखे जा सकते हैं.
https://www.youtube.com/watch?v=YEczyXTwTxg
ऊपर जो वीडियो है, उसे एनआईटी श्रीनगर नाम के यूट्यूब चैनल ने अपलोड किया है. 17वें सेकेंड से देखें कि कैसे पुलिस ने लड़कों पर हमला किया. तिरंगा थामे हुए लड़कों को अलग ले जाया गया और बाकी छात्रों को दौड़ाकर पीटा गया. जिस भीड़ को पीटा गया, वह तिरंगा लिए हुए थी, इस वीडियो में स्पष्ट है.
12974367_473586546179866_4315973389068137873_n

अब बात आरोपों की. छात्रों का कहना है कि उनसे जो झंडा पुलिस ने ले लिया था, उसे कूड़े में फेंक दिया गया. ऊपर की तस्वीर उसी तिरंगे की बताई जा रही है. एक और झंडा है, हरे रंग का जिसे पाकिस्तान का बताया जा रहा है, लेकिन इसमें चांद सितारा नहीं दिख रहा. NIT श्रीनगर में यह हरे रंग का झंडा लोकल लोगों और स्टूडेंट्स ने फहराया. यह पाकिस्तान का झंडा नहीं है, लेकिन इसका मकसद क्या हो सकता है? कि सांकेतिक रूप से हरा झंडा फहरा दिया गया और फ्यूचर में किसी कानूनी कार्रवाई से भी बच गए.
"attachment_15332" align="aligncenter" width="533"Source- Facebook
Source- Facebook



Source- Facebook
Source- Facebook



Source- Facebook
Source- Facebook



 
Source- Facebook
Source- Facebook



IMG_20160405_191414
Source- Facebook



फेसबुक पर छात्रों को धमकियां मिल रही हैं

इतना ही नहीं, हॉस्टल के छात्रों को इस तरह की धमकियां भी मिल रही हैं. देब भट्टाचार्य नाम के स्टूडेंट ने फेसबुक पर ये स्क्रीनशॉट डाला है. इसमें गालियां भी हैं, धमकी भी है.
 
vlcsnap-2016-04-05-19h04m27s156



इस सबके बीच यू-ट्यूब पर एक और वीडियो डाला गया, जिसमें दावा किया गया है कि ये हॉस्टल का है, जहां घुसकर छात्रों को मारा जा रहा है. वीडियो बहुत साफ़ नहीं है, पर चिल्लाने और पीटे जाने की  आवाजें आ रहीं थीं. 10 सेकंड के इस वीडियो के अंत में एक पुलिस वाला हाथ में डंडा और सिर पर हेलमेट लगाए, लाठियां भांजता नजर आ रहा है.
https://www.youtube.com/watch?v=PGPF2NXB0s8


दिल्ली या देश के किसी और राज्य की राजधानी में अगर इस तरह की कोई घटना होती. जहां पुलिस इतनी क्रूरता से कॉलेज या यूनिवर्सिटी के छात्रों को पीट रही होती तो ये आज की सबसे बड़ी ख़बरों में होती. लेकिन ये मसला है जम्मू कश्मीर का. जिसे हमेशा संवेदनशील माना जाता है. इसलिए इस पर ओढ़ी हुई चुप्पियां भी हैं. या ये समझा लिया गया है कि कश्मीर तो शाश्वत तनाव का मारा सूबा है, वहां तो ऐसा होता रहता है.
ये मुद्दा सिर्फ कश्मीर में लगने वाले आजादी के नारों का नहीं है, इसमें लोकल स्टूडेंट और बाहरी स्टूडेट्स का फैक्टर भी है. आरोप है कि फैकल्टी के कुछ लोगों ने बाहरी लोगों को कैंपस में आने में मदद की. 
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने छात्रों की भीड़ को बुरी तरह पीटा है. सिर फूट गए हैं. पीठ पर निशान हैं. क्यों पीटा है, उन्हें बताना चाहिए. सवाल ये भी है कि पुलिस किसकी ओर से डंडे बरसा रही थी?

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement