अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) अभी भी स्पेस स्टेशन में हैं. उनको इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पहुंचाने वाला स्टारलाइनर कैप्सूल अभी भी वहीं डॉक है. ये कैप्सूल बीती 14 जून को सुनीता और उनके साथी एस्ट्रोनॉट बैरी बुच विलमोर को वापस धरती पर लाने वाला था. लेकिन तकनीकी गड़बड़ियों की वजह से दोनों अभी तक स्पेस स्टेशन में ही हैं. स्पेस और स्पेस साइंस में दिलचस्पी रखने वाले लोग NASA से पूछ रहे हैं कि दोनों अंतरिक्ष यात्रियों के फंसने की असल वजह क्या है. इस बीच एक अपडेट आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक बोइंग स्टारलाइनर कैप्सूल से कुछ रहस्यमय आवाजें आने की बात कही जा रही है (Sunita Williams capsule strange sounds).
स्पेस में फंसी Sunita Williams के कैप्सूल के आसपास 'रहस्यमय' आवाजें, ऑडियो सामने आया
सुनीता विलियम के साथी एस्ट्रोनॉट बैरी बुच विलमोर ने ग्राउंंड पर मौजूद मिशन को एक माइक्रोफोन की मदद से स्टारलाइनर में आ रही आवाजें सुनाईं. मिशन कंट्रोल ने आवाज को पल्स की तरह और सोनार पिंग जैसा बताया.


इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक स्टारलाइनर कैप्सूल से "सोनार" जैसी आवाजें आने की बात सामने आई है. एस्ट्रोनॉट बैरी बुच विलमोर ने ह्यूस्टन में मौजूद NASA के मिशन कंट्रोल को इस बारे में जानकारी दी है. उनकी एक रिकॉर्डेड बातचीत में विलमोर ने इस आवाज को दोहरावदार और पल्स की तरह बताया. विलमोर ने बताया कि कैप्सूल के आसपास से आ रही आवाज पनडुब्बी सोनार या स्पेसक्राफ्ट के बाहर से आने वाली टैपिंग (ठक-ठक) की तरह है.
बता दें कि सोनार पिंग एक तरह की छोटी पल्स होती है जिसे सोनार उपकरण पानी के नीचे की वस्तुओं की दूरी और दिशा पता लगाने के लिए इस्तेमाल करते हैं.
विलमोर ने ग्राउंंड पर मौजूद मिशन को एक माइक्रोफोन की मदद से स्टारलाइनर में आ रही आवाजें सुनाईं. मिशन कंट्रोल ने आवाज को पल्स की तरह और सोनार पिंग जैसा बताया. रिपोर्ट्स के मुताबिक इन आवाजों की उत्पत्ति अभी भी एक ‘रहस्य’ बनी हुई है. स्टारलाइनर में मौजूद क्रू और नासा के इंजीनियर इसको लेकर अभी भी हैरान हैं.
नासा ने स्टारलाइनर को वापस लाने के लिए एक मानवरहित वापसी की तैयारी की है. एजेंसी ने फरवरी 2025 तक SpaceX Crew Dragon कैप्सूल से विलमोर और विलियम्स को वापस धरती पर लाने का फैसला किया है.
ABC न्यूज के मुताबिक, बोइंग और नासा ने कहा है कि क्रू इस समय किसी तरह के खतरे में नहीं है. ये भी बताया जा रहा है कि ऑनबोर्ड ISS में सप्लाई की कमी नहीं है. साथ ही दोनों के साथ ISS में 71 लोगों का क्रू भी शामिल है. जो उनकी मदद कर रहे हैं.
मामले में नासा के कमर्शियल क्रू मैनेजर स्टीव स्टिच का कहना है कि आमतौर पर स्टारलाइनर स्पेस स्टेशन से 45 दिनों तक जुड़ा रह सकता है. जरूरत पड़ने, हालात बिगड़ने या कैप्सूल की मरम्मत न हो पाने की सूरत में यह 72 दिनों तक जुड़ा रह सकता है.
इस मामले के बाद बोइंग पर कई तरह के सवाल भी उठाए जा रहे हैं. न्यूयॉर्क पोस्ट की खबर के मुताबिक, पिछले एक साल से बोइंग कंपनी के प्लेन्स पर भी सवाल खड़े किए गए हैं. बताया जा रहा है कि कम से कम 20 विसलब्लोअर्स ने सेफ्टी और क्वालिटी को लेकर चिंता जताई है. वहीं लॉन्च से पहले लीक की जानकारी मालूम होने को लेकर भी कंपनी पर सवाल उठाए जा रहे हैं.
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