कुछ ऐसी मीडिया रिपोर्ट हैं कि साईं मंदिर 19 जनवरी से बंद रहेगा. मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि ये महज अफवाह है. 19 जनवरी को मंदिर खुला रहेगा.
इस मुद्दे पर शिरडी निवासी ‘कानूनी लड़ाई’ भी शुरू कर सकते हैं. साईं बाबा के जन्मस्थान को लेकर कोई विवाद नहीं रहा. फिर कैसे ये मुद्दा बन गया और सरकार बदलते ही पाथरी के जन्मस्थान के सबूत कहां से आ गए? कोई नेता तय नहीं कर सकता कि साईं बाबा कहां पैदा हुए थे?एनसीपी नेता ने कहा- पाथरी ही है जन्मस्थान इसके उलट एनसीपी नेता दुर्रानी अब्दुल्ला खान ने दावा किया कि इस बात के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं कि साईं बाबा का जन्मस्थान पाथरी है. दुर्रानी ने कहा कि शिरडी साईं बाबा की कर्मभूमि है और पाथरी जन्मभूमि है. उन्होंने आरोप लगाया कि शिरडी निवासी अपनी कमाई बंटने के डर से विरोध कर रहे हैं. हालांकि कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम अशोक चव्हाण ने कहा कि जन्मस्थान के विवाद की वजह से पाथरी में सुविधाओं का विरोध नहीं होना चाहिए. शंकराचार्य स्वरूपानंद ने सवाल उठाए थे साईं बाबा को लेकर विवाद तब शुरू हुआ था जब द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने सवाल उठाए थे कि साईं बाबा भगवान हैं या नहीं. इनकी पूजा की जा सकती या नहीं. उस समय मुंबई में साईं धाम चैरिटेबल ट्रस्ट के रमेश जोशी ने RTI में महाराष्ट्र सरकार से जानकारी मांगी थी. जवाब में बताया गया था कि सरकार के पास साईं बाबा से संबंधित कोई भी जानकारी नही है. इसके बाद जोशी ने महाराष्ट्र सरकार से इसकी जांच कराने की मांग की थी.
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