राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि जो सरकार अपने सैनिकों की सुरक्षा नहीं करती उसे सत्ता में रहने का हक नहीं है. हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने दावा किया था कि पुलवामा आतंकी हमला सरकार की गलती की वजह से हुआ था. इस हमले में CRPF के 40 जवानों की मौत हुई थी. उनके इस दावे पर हो रही राजनीति के बीच शरद पवार का ये बयान आया है.
पुलवामा हमले पर शरद पवार ने सरकार के लिए कह दिया, "...सत्ता में रहने का हक नहीं"
"देश में बहुत कुछ हुआ है. इन घटनाओं के तथ्य सामने नहीं आए हैं."


शरद पवार महाराष्ट्र के पुणे जिले की पुरंदर तहसील में एक किसान सभा को संबोधित कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने कहा,
"देश में बहुत कुछ हुआ है. इन घटनाओं के तथ्य सामने नहीं आए हैं. पुलवामा नाम का एक क्षेत्र है जहां 40 सैनिक मारे गए थे. इसके पीछे की कहानी जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्य पाल ने सामने रखी थी. उन्हें इस पद पर BJP सरकार ने ही नियुक्त किया था."
उन्होंने आगे कहा,
सत्यपाल मलिक ने पुलवामा हमले पर क्या कहा?"पुलवामा हमले के समय सैनिकों को आवश्यक उपकरण और विमान उपलब्ध नहीं कराए गए थे, इसलिए उन्हें अपनी जान गवानी पड़ी. जब (सत्यपाल) मलिक ने देश के एक बहुत महत्वपूर्ण व्यक्ति से इस बारे में बात की तो उन्हें इस बारे में बात नहीं करने के लिए कहा गया. देश के सैनिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की होती है और अगर सरकार सैनिकों की सुरक्षा नहीं करने का स्टैंड ले रही है तो हम सभी को यह स्टैंड लेना होगा कि सरकार को सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है. और इसलिए अगला चुनाव महत्वपूर्ण है."
जम्मू-कश्मीर के पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक ने एक इंटरव्यू में कहा था कि पुलवामा में CRPF के काफिले पर हमला सरकारी सिस्टम की लापरवाही के कारण हुआ, खास तौर पर गृह मंत्रालय की लापरवाही से. मलिक ने इंटरव्यू में तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा था कि CRPF ने अपने जवानों को ले जाने के लिए विमान की मांग की थी. लेकिन गृह मंत्रालय ने उस मांग को ठुकरा दिया था.
मलिक ने ये भी बताया कि जिस मार्ग से CRPF को जाना था उस मार्ग का सैनिटाइजेशन प्रभावी ढंग से नहीं किया गया था. बाद में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के सामने ये मुद्दा उठाया तो कथित रूप से उन्होंने मलिक को इस बारे में चुप रहने और किसी को नहीं बताने की बात कही. इतना ही नहीं, मलिक ने ये सवाल उठाया कि आतंकवादियों को इतनी भारी मात्रा में RDX कैसे मिला और 4 साल से ज्यादा होने पर भी आज पुलवामा आतंकी हमले की जांच कहां तक पहुंची है.
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