झारखंड के देवघर में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे और मनोज तिवारी के खिलाफ FIR दर्ज होने के साथ शुरू हुआ विवाद दिल्ली पहुंच गया है. अब दिल्ली पुलिस ने देवघर के डीएम के खिलाफ एक जीरो FIR दर्ज की है. निशिकांत दुबे की शिकायत के बाद डीएम मंजूनाथ भजंत्री पर राजद्रोह और दूसरी धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है. दरअसल, 1 सितंबर को देवघर एयरपोर्ट पर सुरक्षा उल्लंघन और जबरन एटीसी क्लीयरेंस लेने के आरोप में निशिकांत दुबे, मनोज तिवारी और 7 अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी. इसके बाद निशिकांत दुबे और देवघर डीएम के बीच ट्विटर पर लंबी बहस हुई. दोनों ने एक-दूसरे को एयरपोर्ट के नियमों को जानने की सलाह दी.
निशिकांत दुबे से ट्विटर पर भिड़ने वाले देवघर डीएम के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज
निशिकांत दुबे का आरोप है कि उन्हें देवघर एयरपोर्ट पर जान से मारने की धमकी दी गई.


देवघर डीएम के खिलाफ दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू थाने में आईपीसी और ऑफिशियल्स सीक्रेट एक्ट धाराओं के तहत FIR दर्ज हुई है. निशिकांत दुबे ने अपनी शिकायत में कहा है कि उन्हें देवघर एयरपोर्ट पर जान से मारने की धमकी दी गई. ये पूरा मामला 31 अगस्त का है जब बीजेपी नेताओं की एक टीम दुमका पीड़िता के परिवारवालों से मिलने दिल्ली से झारखंड पहुंची थी. ये सभी एक चार्टर्ड प्लेन से देवघर एयरपोर्ट पर उतरे थे. वापसी के वक्त नाइट लैंडिंग की सुविधा नहीं होने के कारण ATC क्लीरियेंस को लेकर कथित रूप से विवाद हुआ.
दिल्ली में दर्ज जीरो FIR के मुताबिक निशिकांत दुबे ने कहा है,
'DM ने देश की सुरक्षा से खिलवाड़ किया'"31 अगस्त की शाम मैं सवा 5 बजे दिल्ली जाने के लिए देवघर एयरपोर्ट पहुंचा था. मेरे साथ बीजेपी सांसद मनोज तिवारी भी थे. करीब 5 बजकर 25 मिनट पर सुरक्षा जांच के बाद हम लोग विमान के अंदर पहुंच गए. देवघर एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग सुविधा नहीं होने के कारण पिछले कुछ दिनों से कई फ्लाइट की आवाजाही बाधित हुई है. यह केस झारखंड हाई कोर्ट में लंबित है. इसी सिलसिले में मैंने एयरपोर्ट डायरेक्टर से जानकारी लेने के लिए उनके ऑफिस जाने का फैसला लिया. उसी दौरान झारखंड पुलिस के अधिकारी और कर्मचारियों ने मुझे जाने से रोका और मेरे बेटों के साथ गाली-गलौच किया. मुझे भी जान से मारने की धमकी दी."
निशिकांत दुबे का आरोप है कि यह सब देवघर के डीएम मंजूनाथ भजंत्री के कहने पर किया गया. उन्होंने डीएम पर आरोप लगाया कि वे अगले दिन (1 सितंबर) बिना अनुमति के एयरपोर्ट के डीआरडीओ के प्रतिबंधित इलाके में गए, जहां जाने की इजाजत सिर्फ प्रधानमंत्री कार्यालय देता है. निशिकांत दुबे का कहना है कि एयरपोर्ट के डायरेक्टर ने डीएम को समझाने की कोशिश की जहां उन्होंने अपने रसूख का धौंस दिखाया. डीएम पर उन्होंने देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने, जान से मारने की साजिश के लिए झारखंड पुलिस को उकसाने जैसे गंभीर आरोप लगा दिए.
वहीं बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा कि देवघर डीसी ने गैरकानूनी तरीके से सीसीटीवी फुटेज का एक्सेस निकाला. उन्होंने कहा,
"ऐसी फुटेज को निकालने की एक प्रक्रिया है जिसे फॉलो नहीं किया गया. हमने कुछ गलत नहीं किया. निशिकांत दुबे देवघर एयरपोर्ट (एडवाइजरी कमिटी) के अध्यक्ष हैं. उन्हें एयरपोर्ट परिसर में कहीं भी आने-जाने का अधिकार है. मैं स्टैंडिंग कमिटी (सिविल एविएशन डिपार्टमेंट) का सदस्य हूं और मुझे भी यह अधिकार है."
इससे पहले एक सितंबर को देवघर एयरपोर्ट के सिक्योरिटी इंचार्ज सुमन आनन ने निशिकांत दुबे और उनके दो बेटे, मनोज तिवारी सहित 9 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई थी. शिकायत के मुताबिक, सांसद और अन्य लोग एयरपोर्ट के सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हुए ATC रूम में घुस गए. नाइट ऑपरेशन की सुविधा नहीं होने के बावजूद, यात्रियों की जान की सुरक्षा को नजरअंदाज करते हुए ATC क्लीयरेंस के लिए दबाव बनाया गया.
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