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गुरमीत राम रहीम को HC से राहत, 24 साल पुराने पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में बरी

Journalist Ram Chander Chhatrapati Murder: 2003 में इस मामले में केस दर्ज हुआ और 2006 केस की जांच CBI को सौंपी गई. 2019 में CBI कोर्ट ने पत्रकार के मर्डर के लिए Gurmeet Ram Rahim Singh को दोषी माना और उम्रकैद की सजाई सुनाई.

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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम. (फाइल फोटो: ITG)
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कमलजीत संधू

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शनिवार, 7 मार्च को हाई कोर्ट ने पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में उन्हें बरी कर दिया. 24 साल पुराने इस मामले में गुरमीत राम रहीम को तो आरोपमुक्त किया गया, लेकिन हाई कोर्ट ने तीन अन्य दोषियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है.

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चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस विक्रम अग्रवाल की बेंच ने सजा के खिलाफ दायर की गई अपील पर यह फैसला सुनाया. कोर्ट ने तीन दोषी- कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्णलाल की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है. 2019 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की अदालत ने पत्रकार की हत्या के मामले में इन चारों को दोषी ठहराया था.

इंडिया टुडे  से जुड़ीं कमलजीत संधू की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरमीत राम रहीम सिंह के वकील जितेंद्र खुराना ने कहा, "माननीय हाई कोर्ट ने पत्रकार राम चंद्र छत्रपति के मर्डर केस में उन्हें बरी कर दिया है.” उन्होंने कहा कि हमें विश्वास था कि डेरा प्रमुख निर्दोष हैं और अदालत से हमें न्याय मिलेगा. 

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छत्रपति 'पूरा सच' नाम का अखबार चलाते थे. अक्टूबर 2002 में हरियाणा के सिरसा में उनके घर के बाहर गोली मार दी गई थी. बाद में चोटों के कारण उनकी मौत हो गई. यह हमला तब हुआ जब उनके अखबार में एक गुमनाम चिट्ठी छपी थी, जिसमें डेरा सच्चा सौदा हेडक्वार्टर में महिला शिष्याओं के साथ यौन शोषण करने का आरोप लगाया गया था.

2003 में इस मामले में केस दर्ज हुआ और 2006 इस केस की जांच CBI को सौंपी गई. केस में रहीम का नाम मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर लिया गया था. 2019 में CBI कोर्ट ने गुरमीत राम रहीम को दोषी माना और उम्रकैद की सजाई सुनाई. सजा के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील दायर की गई, जिसमें डेरा चीफ को बरी कर दिया गया है.

हालांकि, हाई कोर्ट से बरी होने के बाद भी गुरमीत राम रहीम को जेल में ही रहना होगा. डेरा प्रमुख को दो शिष्याओं के साथ रेप के मामले में 20 साल की सजा मिली हुई है. सजा मिलने के बाद गुरमीत राम रहीम को हरियाणा के रोहतक की सुनारिया जेल में भेजा गया था.

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