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2000 के नोट वापस लेने के फैसले पर बीजेपी ने क्या कहा?

सुशील मोदी ने बचाव करते हुए अमेरिका और यूरोप का उदाहरण दिया है.

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2000 के नोट सर्कुलेशन से बाहर हो जाएंगे (फोटो- वीडियो स्क्रीनशॉट)

2000 के नोट सर्कुलेशन से बाहर होने पर एक तरफ विपक्ष सरकार को घेर रहा है. वहीं बीजेपी के नेता RBI के फैसले का बचाव कर रहे हैं. BJP के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने इसे काले धन पर दूसरा 'सर्जिकल स्ट्राइक' बता दिया. वहीं बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने आरोपों पर कहा कि विपक्ष डर फैला रहा है. दरअसल, आरबीआई ने ऐलान किया कि 2000 के नोट सर्कुलेशन से बाहर हो जाएंगे. 30 सितंबर तक आप इसे बैंक में जमा करा सकते हैं. इसके बाद से ही राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई.

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BJP के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने एक वीडियो जारी कर कहा कि यह नोटबंदी नहीं बल्कि 'नोटबदली' है. सुशील मोदी ने कहा, 

"मैंने इस मामले को राज्यसभा में उठाया था कि 2 हजार के नोट को बंद किया जाए, इसकी कोई जरूरत नहीं है. अगर अमेरिका और यूरोप जैसी जगहों पर अधिकतम 100 रुपये का डॉलर या यूरो है, तो भारत में 2000 के नोट की जरूरत क्या है."

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12 दिसंबर को राज्यसभा में सुशील मोदी ने सरकार से मांग की थी कि 2 हजार के नोटों को बंद करें क्योंकि इसका इस्तेमाल अवैध व्यापार और टेरर फंडिंग में हो रहा है. उन्होंने 2000 के नोट को 'ब्लैक मनी' बता दिया था. उन्होंने दावा किया था कि लोगों ने बड़े पैमाने पर दो हजार के नोटों को जमा कर रखा है. 2000 के नोटों का इस्तेमाल सिर्फ अवैध व्यापार में हो रहा है.

वहीं बीजेपी प्रवक्ता संजू वर्मा ने RBI के इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह नोटबंदी नहीं है. बल्कि 2000 के नोट को सही तरीके से हटाया गया है. इंडिया टुडे से बातचीत में संजू वर्मा ने कहा, 

"RBI की प्रेस रिलीज को आप पढ़ेंगे तो चार महीने का समय दिया गया है. ताकि लोग आसानी से अपने 2000 के नोट को बदल सकें. 30 सितंबर के बाद ये वैध रहेंगे या नहीं, आरबीआई ने ये नहीं कहा है."

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बीजेपी आईटी सेल के प्रवक्ता अमित मालवीय ने ट्विटर पर लिखा, 

"जब आरबीआई ने 2000 रुपये का नोट वापस लेने का फैसला किया तो हताश और मुद्दाविहीन विपक्ष क्या करता है, जबकि इस तरह के फैसले पहले भी लिये जा चुके हैं? जवाब: डर फैलाना. उन्होंने यही कोविड के समय भी किया था. यहां तक किया कि वैक्सीन को लेकर लोगों में संकोच पैदा करने लगे. बिना ये सोचे कि इससे बड़ी संख्या में लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है और महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई कमजोर हो सकती है."

उधर, इस फैसले पर विपक्ष ने सरकार पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया. कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2000 का नोट 500 और 1000 के नोट को बंद करने के मूर्खतापूर्ण फैसले पर मरहम की तरह था. नोटबंदी के कुछ ही हफ्ते बाद, सरकार को मजबूरन 500 रुपये का नोट लाना पड़ा था. चिदंबरम ने कहा कि उन्हें कोई आश्चर्य नहीं होगा, अगर सरकार दोबारा 1000 का नोट लेकर आएगी.

RBI ने बैंकों को सलाह दी है कि वे 2000 के नोट तत्काल प्रभाव से जारी करना बंद कर दें. RBI के मुताबिक, जिन लोगों के पास 2000 के नोट हैं, वो उसे बैंक में जमा करा सकते हैं या उसके बदले दूसरे नोट ले सकते हैं. बैंकों को कोई दिक्कत ना हो, इसके लिए नोट बदलने की सीमा 20 हजार रुपये रखी गई है. यानी एक बार में आप 20 हजार तक के नोट एक्सचेंज कर सकते हैं.

वीडियो: सुर्खियां: RBI ने 2000 का नोट बंद किया, सरकार ने इस बार क्या वजह बताई?

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