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'मोदी की एक कॉल पर युद्ध बंद होगा', भारत में UAE के पहले राजदूत हुसैन मिर्जा ने तरीका बता दिया

Iran Israel War का असर UAE समेत वेस्ट एशिया के अन्य देशों पर भी पड़ रहा है. UAE के पूर्व राजदूत Hussain Hassan Mirza ने कहा कि PM Narendra Modi को UAE में रहने वाले 35 लाख भारतीयों की सुरक्षा के लिए ईरान और इजरायल से बात करनी चाहिए.

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हसन हुसैन मिर्जा (बाएं) भारत में UAE के पहले राजदूत रहे. (ITG)

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग का 11वां दिन है. कोई भी पक्ष झुकने को तैयार नहीं है. हजारों जानें चली गईं. किसी को नहीं पता कि ये युद्ध कब खत्म होगा. वेस्ट एशिया में केवल विध्वंस फैला है. मगर भारत में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पहले राजदूत हुसैन हसन मिर्जा का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस जंग को रोकने में मदद कर सकते हैं.

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हुसैन हसन मिर्जा ने कहा कि पीएम मोदी इजरायल और ईरान दोनों को एक फोन कॉल करें, इससे जंग को रोकने में मदद मिल सकती है. इंडिया टुडे से जुड़े आशुतोष मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिया टुडे टीवी से बात करते हुए मिर्जा ने दो वजह बताईं, जिससे यह मुमकिन हो सकता है. पहला, भारत की कूटनीति और दूसरा दोनों देशों के साथ PM मोदी का मजबूत रिश्ता.

पूर्व UAE राजदूत ने जोर देते हुए कहा कि इन दोनों वजहों के कॉम्बिनेशन से वेस्ट एशिया की टेंशन कम करने में मदद मिल सकती है. उन्होंने बताया कि पीएम मोदी हाल ही में इजरायल गए थे. उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी के ईरान के साथ भी अच्छे रिश्ते हैं. हुसैन मिर्जा कहते हैं,

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"भारत एक महान देश है... मिस्टर मोदी इजरायल और ईरान दोनों को रोकने के लिए एक फोन कॉल करें, तो यह (युद्ध) रुक जाएगा... मिस्टर मोदी 10 दिन पहले इजरायल में थे. मिस्टर मोदी के ईरान के साथ बहुत, बहुत अच्छे रिश्ते हैं. वह ईरान के तेल के बड़े खरीदार हैं. बहुत आसान है... मिस्टर मोदी के एक फोन कॉल से प्रॉब्लम सॉल्व हो जाएगी.”

हुसैन हसन मिर्जा ने UAE में बड़ी संख्या में मौजूद भारतीय समुदाय का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि भारत कूटनीतिक तरीके से दखल देगा, क्योंकि UAE में बड़ी संख्या में भारतीय कम्युनिटी है, जिसने दशकों से देश के विकास में योगदान दिया है. UAE में 35 लाख से भी ज्यादा भारतीय रहते हैं.

उन्होंने कहा,

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“मैं इंडियन लीडरशिप और सरकार पर बहुत ज्यादा भरोसा करता हूं कि वे दखल दें... हमारे देश में अपनी कम्युनिटी को बचाने के लिए. वह कम्युनिटी जिसने (UAE के) इंफ्रास्ट्रक्चर में मदद की, ट्रेड में मदद की, बिजनेस में मदद की... अभी से नहीं, 70 या 80 साल पहले से.” 

28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल का हमला हुआ, तो ईरान ने भी इजरायल पर हमला बोला. लेकिन, ईरान ने जंग का दायरा बढ़ाते हुए अरब देशों पर भी मिसाइल और ड्रोन दागे. UAE भी ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों का सामना कर रहा है. हालांकि, उनमें से ज्यादातर को UAE के एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक दिया.

ईरान का दावा है कि अरब देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों से उस पर हमला किया जा रहा है. हुसैन हसन मिर्जा इस दावे से इनकार करते हैं. उन्होंने कहा कि UAE ने अपने इलाके से ईरान के खिलाफ किसी भी एक्टिविटी की इजाजत नहीं दी है.

उन्होंने कहा, “हमने अपनी तरफ से ईरान के खिलाफ किसी भी एक्टिविटी की इजाजत नहीं दी. यह पक्का है.” उन्होंने यह भी दावा किया कि कुवैत और कतर जैसे दूसरे खाड़ी देशों ने भी अपनी जमीन से ईरान के खिलाफ हमलों की इजाजत नहीं दी है.

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