दुश्मन देशों से लड़ने का सबका अपना तरीका होता है. हमारे दो पड़ोसी हैं. दोनों पक्के दुश्मन. एक पाकिस्तान, दूसरा चीन. पाकिस्तान को तो हम क्रिकेट में पटककर शांत कर देते हैं. लेकिन चीन कॉन्स्पिरेसी वाला देश है. वो क्रिकेट खेलते नहीं. फेसबुक, ट्विटर, गूगल, व्हाट्सऐप चलाते नहीं. न हम उनको ट्रोल कर सकते हैं. न '10 लोगों को ये मैसेज भेजो वरना पैंट फट जाएगी' वाले मैसेज भेज सकते हैं. उनके प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल बंद नहीं कर सकते. शाओमी हमारा राष्ट्रीय फोन है. नोट 5 प्रो की सेल में कितने पापड़ बेले हैं हमारे दिल से पूछो. ले देकर बचती है चाइनीज झालर. दिवाली में इतनी झालर बिकती नहीं कि हम उनकी इकॉनमी को ध्वस्त कर सकें. सरकार की गीदड़भभकी उस पर काम नहीं करती. फिर क्या करें?

फाइनली हमारे पास ऐसा ब्रह्मास्त्र निकल आया है जिससे उनकी इकॉनमी को तगड़ा झटका लगेगा. हमारे यहां के साइंटिस्ट्स ने चाइनीज लोगों के दिमाग पर रिसर्च की. उनको पता चला कि चीन के लोग आमिर खान की फिल्मों के बहुब्बड़े शौकीन हैं. दंगल, पीके वगैरह ने रिकॉर्डतोड़ कमाई की. यहीं से उनको सबक सिखाने का क्लू मिला. हमने ये हथियार पहले अपने देश में ट्राई किया. नाम है ठग्स ऑफ हिंदोस्तान. इसकी मार खाए लोग अभी तक पीठ सहला रहे हैं. अब ये चीन में रिलीज होने जा रही है. सोचो ये तीर निशाने पर जा लगा तो चीन की ऐसी तैसी हो जाएगी. 28 दिसंबर को चीन के सिनेमाघरों में ये बिजली गिरेगी. पोस्टर देख लो.