‘सरकार ने परीक्षाओं का मजाक बनाकर रख दिया है.’ स्टाफ सेलेक्शन बोर्ड की सिपाही भर्ती परीक्षा में ‘गजब खराब व्यवस्था’ देखकर छात्रों के मुंह से यही बात निकल रही है. पहले NEET पेपर लीक ने देश भर में सुर्खियां बटोरीं. फिर यूपी में लेखपाल भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की बात सामने आई. सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की पेपर चेकिंग को लेकर तो अब भी सवाल उठ रहे हैं. इसी बीच एसएससी की सिपाही भर्ती करने वाली परीक्षा को लेकर यूपी के प्रयागराज से लेकर बिहार के मुजफ्फरपुर तक बवाल मचा है.
SSC GD परीक्षा: 500 कंप्यूटर वाले सेंटर में छात्र बुलाए हजार, पेपर नहीं हुआ तो सब तोड़ डाला
प्रयागराज के एग्जाम सेंटर पर जितने लोगों के बैठने की व्यवस्था थी, उससे दोगुने छात्र पहुंच गए और उन्हें कंप्यूटर सिस्टम नहीं मिला. मुजफ्फरनगर में बिना पूर्व सूचना के अचानक परीक्षा ही कैंसिल कर दी गई.


कहीं एग्जाम सेंटर पर जितने लोगों के बैठने की व्यवस्था थी, उससे दोगुने छात्र पहुंच गए और उन्हें कंप्यूटर सिस्टम नहीं मिला. कहीं बिना पूर्व सूचना के अचानक परीक्षा ही कैंसिल कर दी गई. गोरखपुर में एक सेंटर पर तो छात्रों को एंट्री ही नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने जमकर बवाल काटा.
इंडिया टुडे से जुड़े आनंद राज की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रयागराज में गंगापार सरायइनात के अंदावा में सुनीता सिंह सीता सिंह महिला महाविद्यालय के आईटेक जोन को एसएससी परीक्षा का केंद्र बनाया गया था. सोमवार, 25 मई को जब छात्र वहां पेपर देने पहुंचे तो पता लगा कि जितने लोग आए हैं, सेंटर पर उतने तो सिस्टम भी नहीं हैं. यहां परीक्षा की जिम्मेदारी बेंगलुरु की कंपनी एडूक्विटी कैरियर टेक्नोलॉजिस प्राइवेट लिमिटेड को दी गई थी.

बताया गया कि सेंटर पर कुल 650 कंप्यूटर मौजूद थे. लेकिन परीक्षा की दूसरी पाली में 505 की जगह पर 1035 और तीसरी पाली में 495 की जगह पर 1034 परीक्षार्थियों का सेंटर यहीं दे दिया गया था. इस गलती की वजह से यहां क्षमता से दोगुने छात्र पेपर देने के लिए पहुंच गए. जाहिर है, इतने छात्रों के लिए कंप्यूटर सिस्टम नहीं था तो कई छात्रों को सेंटर पर जगह नहीं मिली.
इसके बाद उन्होंने बवाल काटना शुरू कर दिया. बैठने की व्यवस्था न होने पर छात्रों ने कमरे में रखे कई कंप्यूटर, मॉनिटर, सर्वर और कुर्सियां तोड़ दीं. आरोप है कि कुछ छात्रों ने सीपीयू और टीएफटी (मॉनिटर) भी उठा लिए.
इतना ही नहीं. कमरे में लगे एसी, कूलर, सीसीटीवी कैमरा और वॉटर कूलर भी तोड़ दिए गए. नाराज छात्रों ने प्रयागराज के जैन मंदिर के सामने जीटी रोड पर चक्का जाम कर दिया. बाद में सरायइनायत पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को समझा-बुझाकर ट्रैफिक बहाल कराया.
बवाल इतना बढ़ गया कि मौके पर थानाध्यक्ष संजय गुप्ता, ट्रेनी आईपीएस ईश्वरलाल गुर्जर, एसीपी थरई अरुण पराशर और एसीपी फूलपुर को जाना पड़ा. एक छात्र तो सेंटर से लैपटॉप लेकर भाग रहा था, जिसे पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ा. परीक्षा देने के लिए चित्रकूट, अयोध्या, मऊ, फतेहपुर समेत आसपास के जिलों से छात्र आए थे. परीक्षा के लिए की गई व्यवस्था पर वो बिफर पड़े और कहा कि सरकार ने परीक्षाओं को मजाक बना दिया है.

अंत में कर्मचारी चयन आयोग (मध्य क्षेत्र) की ओर से सेंटर पर एक सूचना चस्पा की गई. इसमें कहा गया कि जो भी छात्र बैठने की व्यवस्था न होने की वजह से परीक्षा नहीं दे पाए हैं, उनके लिए बाद में एग्जाम कराया जाएगा. ये सूचना मिलने के बाद ही छात्र वापस गए.
गोरखपुर में भी गड़बड़ीउत्तर प्रदेश के गोरखपुर में भी एक सेंटर पर सीटों की गड़बड़ी की शिकायत करते हुए छात्रों ने खूब हंगामा काटा. सेंट एंड्रयूज कॉलेज में कई छात्रों को इस वजह से एंट्री नहीं मिली. इस पर छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए उसी दिन परीक्षा कराने की मांग की.

वहीं बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में SSC-GD की परीक्षा की दूसरी और तीसरी पाली अचानक रद्द कर दी गई. इससे छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा. शहर के बीबी कॉलेज कैंपस में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने जमकर हंगामा किया. कड़क धूप में दूरदराज के इलाकों से छात्र यहां पेपर देने के लिए आए थे. अचानक से सेंटर पर माइक से ऐलान किया गया कि दूसरी और तीसरी पाली की परीक्षा नहीं होगी. पेपर रद्द कर दिया गया है. दूसरी डेट पर इसे फिर से कराया जाएगा.
इतना सुनना था कि छात्र आक्रोशित हो गए. उनका कहना था कि SSC की आधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षा रद्द होने की कोई सूचना जारी नहीं की गई है. कुछ छात्रों की परीक्षा हो चुकी है, जबकि बाकी को बिना साफ जानकारी के वापस भेजा जा रहा है. उन्होंने मांग की कि आयोग जल्द से जल्द इसे लेकर आधिकारिक नोटिस जारी करे. ताकि छात्रों के बीच बनी असमंजस की स्थिति को खत्म किया जा सके.
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