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रूसी तेल टैंकर बना 'पर्यावरण बम', अंदर 700 टन गैस-डीजल, लेकिन कोई क्रू नहीं

Mediterranean sea में इटली और माल्टा के समुद्री क्षेत्र के पास एक रूसी टैंकर देखा गया है. इस टैंकर में कोई क्रू मौजूद नहीं है. एक ड्रोन हमले में क्षतिग्रस्त इस टैंकर में भारी मात्रा में तेल और गैस मौजूद है. इटली के अधिकारियों ने इस टैंकर को एक बॉम्ब करार दिया है, जो कभी भी फट सकता है.

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'आर्कटिक मेटागाज' रूस के शैडो फ्लीट का हिस्सा बताया जा रहा है. (Reuters)

मिडिल ईस्ट में टकराव बढ़ता जा रहा है. अमेरिका-इजरायल का संयुक्त गठबंधन और ईरान में से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं. लेकिन इस बीच भूमध्य सागर की लहरों में बिना क्रू के बह रहे एक रूसी टैंकर ने इटली और माल्टा की परेशानी बढ़ा दी है. एक ड्रोन हमले में बुरी तरह से डैमेज हुए इस टैंकर का नाम 'आर्कटिक मेटागाज' है. टैंकर में भारी मात्रा में तेल और गैस मौजूद है. समुद्री अधिकारियों ने इसे ‘पर्यावरण बम’ बताया है, जो कभी भी फट सकता है.

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बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ये रूसी तेल टैंकर एक तरफ झुक गया है. इसके बाएं हिस्से (पोर्ट साइड) में एक बड़ा छेद भी नजर आ रहा है. इटली समेत नौ देशों ने यूरोपीय यूनियन को पत्र लिखकर इस मामले में एक्शन लेने का आग्रह किया है. इटली के एक अधिकारी ने इसे 'पर्यावरण बम' तक बताया है जो कभी भी फट सकता है.

माना जा रहा है कि यह टैंकर रूसी शैडो फ्लीट का हिस्सा है. शैडो फ्लीट उन जहाजों को कहा जाता है जिन्हें रूस पाबंदियों के चलते चोरी छिपे तेल बेचने के लिए इस्तेमाल करता है. इस महीने की शुरुआत में माल्टा के समुद्री क्षेत्र के पास इस टैंकर पर एक संदिग्ध ड्रोन से अटैक हुआ था. अटैक में टैंकर बुरी तरह से डैमेज हो गया था. रूस ने इस हमले के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया है. लेकिन यूक्रेन ने अब तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

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आर्कटिक मेटागाज नाम का टैंकर अब इटली के जलक्षेत्र से लीबिया की ओर बढ़ रहा है. इटली और माल्टा के अधिकारी इस टैंकर की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं. इटली के रेडियो 24 पर बोलते हुए इटली की काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स के सचिव अल्फ्रेडो मंटोवानो ने कहा, “इस टैंकर से बहुत ज्यादा खतरा है. यह किसी भी समय फट सकता है.”

इटली के अधिकारी ने बताया कि इस टैंकर में 450 टन ईंधन गैस और 250 टन डीजल भरा है. 17 मार्च को यह जहाज इटली के लिनोसा द्वीप से लगभग 45 समुद्री मील (83 किलोमीटर) दूर बह रहा था. जैव विविधता के लिए काम करने वाली संस्था वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड फॉर नेचर ने चेताया है कि तेल टैंकर में रिसाव का अनुमान है, जिससे आग लग सकती है. 

संस्था ने बताया कि टैंकर अभी जिस इलाके में है, वो जैव विविधता के लिहाज से बहुत सेंसिटिव है. भूमध्य सागर के इस हिस्से में बहुत सारे संरक्षित प्रजाति रहते हैं. अगर टैंकर से रिसाव के चलते आग लगती है तो इस इलाके में लंबे समय के लिए प्रदूषण फैल सकता है. जिससे जैव विविधता को भारी नुकसान होगा.

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वीडियो: ईरान ने अमेरिका के तेल टैंकर को निशाना बनाया

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