ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर रूस और चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. मॉस्को और बीजिंग के नेताओं ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है और मिलिट्री ऑपरेशन तुरंत रोकने को कहा है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान पर अमेरिकी हमले को ‘अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लघंन’ बताया है. वहीं, चीन का कहना है कि ‘एक संप्रभु नेता की खुलेआम हत्या बिल्कुल मंजूर नहीं है.’
खामेनेई की मौत पर रूस, चीन और नॉर्थ कोरिया ने क्या कहा?
Ayatollah Ali Khamenei की मौत पर रूस और चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे ‘अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लघंन’ बताया है. वहीं, चीन का कहना है कि ‘एक संप्रभु नेता की खुलेआम हत्या बिल्कुल मंजूर नहीं है.’


इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई. न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, रूसी प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन ने खामेनेई की हत्या पर अपनी गहरी संवेदना ज़ाहिर की है. ईरानी प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन को लिखे एक पत्र में उन्होंने कहा,
“ईरानी लीडर को एक बेहतरीन राजनेता के तौर पर याद किया जाएगा, जिन्होंने दोस्ताना रूसी-ईरानी रिश्तों को बनाने में बहुत बड़ा योगदान दिया.”
पुतिन ने पेजेशकियन से यह भी कहा कि वे सुप्रीम लीडर के रिश्तेदारों और चाहने वालों, सरकार और ईरान के सभी लोगों को अपनी सच्ची हमदर्दी और मदद दें.
हत्या 'मंज़ूर नहीं'चीन ने भी खामेनेई की मौत की कड़ी निंदा की है. AFP के मुताबिक, बीजिंग ने कहा कि यह हत्या ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है. चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा,
“खामेनेई की हत्या UN चार्टर के सिद्धांतों और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के नियमों को रौंदना है. चीन इसका कड़ा विरोध करता है और इसकी कड़ी निंदा करता है.”
चीनी सरकारी मीडिया ने बताया कि चीनी विदेश मंत्री ‘वांग यी’ ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से फोन पर बात की. बातचीत के दौरान वांग ने कहा,
“अमेरिका और इजराइल द्वारा एक संप्रभु नेता की खुलेआम हत्या और शासन बदलने के लिए उकसाना मंज़ूर नहीं है. चीन बहुत चिंतित है कि मिडिल ईस्ट को खतरनाक खाई में धकेला जा सकता है.”
वांग ने यह भी चेतावनी दी कि UN सिक्योरिटी काउंसिल की इजाजत के बिना किसी संप्रभु देश पर हमला करना दूसरे विश्वयुद्ध के बाद बनी ग्लोबल व्यवस्था को कमजोर करता है.
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नॉर्थ कोरिया ने क्या कहा?नॉर्थ कोरिया ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे ‘गैर-कानूनी हमला’ बताया है. विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले संप्रभुता का उल्लघंन हैं. आगे कहा, “मिलिट्री एक्शन से दोनों साथियों का बेशर्म और गैंगस्टर जैसा बर्ताव दिखता है, जिन्होंने अपने मतलबी और दबदबे वाले इरादों को पूरा करने के लिए मिलिट्री ताकत का गलत इस्तेमाल किया.”
वीडियो: ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले को लेकर अन्य देशों ने क्या कहा?


















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