The Lallantop

ये शख्स पूरी दुनिया को देता अमीर बनने का ज्ञान, खुद पर निकला 11 हजार करोड़ का कर्ज!

Robert Kiyosaki Debt: 'Rich Dad Poor Dad' बुक के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी पर कथित तौर पर 11 हजार 400 करोड़ रुपये का कर्ज होने की बात सामने आई है. हालांकि वो इसे मुसीबत नहीं मौका समझते हैं. इसके पीछे की वजह भी उन्होंने बताई है.

Advertisement
post-main-image
रॉबर्ट कियोसाकी (बाएं) पर 11 हज़ार 400 करोड़ रुपये का कर्ज है. (फोटो-X/@theRealKiyosaki)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • रॉबर्ट कियोसाकी, 'RICH DAD POOR DAD' किताब के लेखक, लगभग 1.2 बिलियन डॉलर के कर्ज में हैं, जिसे वे वित्तीय अवसर के रूप में देखते हैं न कि समस्या के रूप में।
  • रॉबर्ट कियोसाकी की कर्ज फिलॉसफी, जो उन्होंने 1974 से पढ़ी है, इसपर आधारित है कि वे प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ने पर लोन लेकर टैक्स-फ्री आय उत्पन्न करते हैं और इसे अलग-अलग LLC में विभाजित करते हैं।
  • कर्ज के आंकड़ों को रॉबर्ट की पूर्व पत्नी ने स्पष्ट किया कि यह 1500 अपार्टमेंट यूनिट्स के साझेदारी कर्ज हैं, जिनमें रॉबर्ट की भागीदारी बहुत कम है, और यह सार्वजनिक रूप से गलत तरीके से प्रस्तुत किया जाता है।

अगर आप किताबों में थोड़ी भी रुचि रखते हैं तो इस किताब से वाकिफ़ होंगे-'RICH DAD POOR DAD'. ये एक ऐसी किताब है जो रेलवे स्टेशन से लेकर ट्रैफिक सिग्नल तक हर जगह मिल जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस किताब के लेखक 1.2 बिलियन डॉलर के कर्ज में हैं? ऐसा दावा किया जा रहा है. भारतीय मुद्रा में ये रकम करीब 11,400 करोड़ रुपये है. मगर इस कर्ज को लेकर सबसे ज्यादा हैरानी की बात ये है कि रॉबर्ट कियोसाकी इसे मुसीबत नहीं, मौका समझते हैं. कैसे? आइये सब जानते हैं.

Advertisement

यूट्यूब पर गेट रिच एजुकेशन पॉडकास्ट नाम का चैनल है. यहां उन्होंने बात करते हुए इस कर्ज के बारे में बताया. वीडियो तीन महीने पुराना है. मगर वे पहली भी कई बार ये बता चुके हैं. उन्होंने कई दफा कर्ज की फिलॉसफी पर बात करते हुए नगदी बचाने की वकालत नहीं की. उन्होंने कहा कि नगदी बचाने के बजाय लोगों को एसेट खरीदने में पैसा इन्वेस्ट करना चाहिए. 

रॉबर्ट कियोसाकी ने क्या बताया?

‘रिच डैड पुअर डैड’ एक सेल्फ हेल्प बुक है जिसमें लेखक पैसे कैसे कमाने हैं? कहां इन्वेस्ट करने हैं? कहां नहीं करने हैं? इसके बारे में डिटेल में सरलता से बताता है. इसी वजह से 1997 में छपी ये किताब अब भी मार्केट में बिक रही है. न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, पॉडकास्ट में कर्ज की फिलॉसफी को एक्सप्लेन करते हुए रॉबर्ट ने कहा कि ‘कर्ज ही पैसा’ है.

Advertisement

लेकिन उन्होंने आम लोगों को इस फिलॉसफी के रास्ते पर चलने की सलाह नहीं दी है. उनका कहना है कि उन्होंने 1974 से इसकी पढ़ाई की. अगर किसी को ये खेल खेलना है तो पहले नियम समझना होगा. 

ये भी पढ़ें: दुनिया को अमीर बनने की निंजा टेक्नीक बताने वाले पर इतना कर्ज कि चुकाते-चुकाते…

कैसे काम करती है ये फिलॉसफी? 

रॉबर्ट कियोसाकी का तरीका ये है कि जब प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ती है, तो वे उसके बदले लोन लेते हैं. इसके बाद, वे असल एसेट को बेचने के बजाय लोन से मिली रकम को टैक्स-फ्री इनकम मानते हैं. वे अलग-अलग इन्वेस्टमेंट को अलग-अलग LLC में भी रखते हैं, ताकि अगर एक डील खराब हो जाए, तो उसका असर दूसरी डील पर न पड़े. 

Advertisement

रॉबर्ट की पूर्व पत्नी और बिज़नेस पार्टनर किम कियोसाकी बताती हैं कि इस आंकड़े को पब्लिक में गलत तरह से पेश किया जाता है. उनका कहना है कि ये कर्ज 1500 अपार्टमेंट यूनिट से जुड़े हैं. लेकिन ये सब पार्टनर्स के साथ लिए गए हैं, इसमें रॉबर्ट कियोसाकी की भागीदारी बहुत कम है. 

वीडियो: किताबवाला: भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान कश्मीर में क्या करने वाला था?

Advertisement