The Lallantop

वो डायरेक्टर जिसने अमिताभ को नेशनल अवॉर्ड दिलाया और शाहरुख को उनकी सबसे फ्लॉप फिल्म

'अग्निपथ' बनाने वाले मुकुल आज ही के दिन पैदा हुए थे.

Advertisement
post-main-image
मुकुल अपनी आखिरी फिल्म की मेकिंग के दौरान ही हार्ट अटैक से मर गए थे.
साल 1990 में फिल्म 'अग्निपथ' आई. इसी के लिए अमिताभ बच्चन को बेस्ट एक्टर का पहला नेशनल अवॉर्ड मिला था. फिल्म के डायरेक्टर थे मुकुल आनंद. 'जुम्मा चुम्मा' गाना याद होगा? उन्ही की बनाई फिल्म 'हम' का था. इतना कुछ है लेकिन हमें वो याद ही नहीं हैं. लेकिन संयोग देखिए कि अमिताभ और मुकुल सेम बड्डे शेयर करते हैं. बच्चन साहब के बारे में तो आज कई लेख मिल जाएंगे लेकिन उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार दिलवाने वाले पर शायद ही कुछ मिले. यहां पढ़ेंः
#1. साल 1990 था. अमिताभ बच्चन का करियर ढ़लान पर था. पिछली फिल्में 'तूफान', 'जादूगर' और 'मैं आजाद हू्ं' पिटी थीं. तभी आई मुकुल आनंद के डायरेक्शन में 'अग्निपथ'. अल पचीनो की 'स्कारफेस' की करीब-करीब इंडियन रीमेक. बड़े बजट की भारी-भरकम फिल्म. अमिताभ के मुंह में रुई भरकर उनका अंदाज और आवाज 'द गॉडफादर' के मार्लन ब्रांडो जैसी कर दी गई. फिल्म आई और उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में दसवें नंबर पर रही. इसके बावजूद फ्लॉप मानी गई. बजट वाला झोल था. फिल्म अच्छी थी और अमिताभ की एक्टिंग भी. 'हई' और 'विजय दीनानाथ चौहान' बोलकर बच्चन सबके दिल में उतर गए थे. इसके लिए उन्हें तारीफ तो मिली ही, बेस्ट एक्टर का पहला नेशनल अवॉर्ड भी मिल गया.
इस फिल्म में अमिताभ की आवाज भारी करने के लिए उनके गालों में रुई भर दी गई थी.
इस फिल्म में अमिताभ ने मार्लन ब्रांडो के अंदाज में अपनी आवाज को ख़राश भरा, भारी सा बनाया था.

#2. 'जुम्मा चुम्मा दे दे' गाना पहले फिल्म 'अग्निपथ' के लिए तैयार किया गया था, लेकिन डायरेक्टर को लगा कि ये विजय के किरदार पर सूट नहीं करेगा तो उन्होंने फिल्म में 'जुम्मा' की जगह 'अली बाबा' गाना फिट कर दिया. बाद में उस गाने को मुकुल ने अमिताभ के साथ की गई फिल्म 'हम' में इस्तेमाल कर लिया. फिल्म 'हम' में अमिताभ के साथ रजनीकांत, गोविंदा और किमी काटकर भी थे.
जुम्मा चुम्मा दे दे गाने में अमिताभ और किमी काटकर.
'जुम्मा चुम्मा दे दे' गाने में अमिताभ और किमी काटकर.

#3. फिल्म 'हम' के बाद मुकुल ने एक बार फिर अमिताभ बच्चन के साथ 'ख़ुदा गवाह' फिल्म की जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला. इसके बाद मुकुल ने नए जमाने के एक्टर्स का दामन थामा और फिल्म बनाई 'त्रिमूर्ति'. इस फिल्म में अनिल कपूर, शाहरुख खान और जैकी श्रॉफ थे. फिल्म रिलीज हुई और मुकुल की जिंदगी की सबसे बड़ी फ्लॉप साबित हुई. इस फिल्म से पहले शाहरुख 'डर', 'बाज़ीगर' और 'करण-अर्जुन' जैसी फिल्में कर स्टार का तमगा हासिल कर चुके थे.
फिल्म त्रिमूर्ती शाहरुख के करियर की सबसे बड़ी फ्लॉप है.
'त्रिमूर्ती ' में जैकी, अनिल और शाहरुख. ये शाहरुख के करियर की सबसे बड़ी फ्लॉप है.

#4. साल 1997 में सलमान खान और संजय दत्त को साथ लेकर मुकुल एक फिल्म बना रहे थे. नाम था 'दस'. इसमें संजय और सलमान इंटेलिजेंस ऑफिसर्स के किरदार में थे. लेकिन ये फिल्म कभी पूरी नहीं हो पाई क्योंकि इसके दौरान ही मुकुल को हार्ट अटैक आ गया. उनकी डेथ हो गई. बाद में फिल्म को पूरा करने की कोशिश की गई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ और फिल्म अधूरी ही रही. इस फिल्म के लिए बुक की डेट्स पर बाद में 'चल मेरे भाई' की शूटिंग हुई.
फिल्म दस के एक सीन में सलमान खान और संजय दत्त.
फिल्म 'दस' के एक सीन में सलमान खान और संजय दत्त.

#5. फिल्म 'दस' से म्यूज़िक डायरेक्टर शंकर-एहसान-लॉय ने अपने करियर की शुरुआत की थी. भले ही फिल्म रिलीज नहीं हुई लेकिन इसका साउंडट्रैक/एल्बम रिलीज कर दिया गया. 'सुनो गौर से दुनिया वालों' गाना इसी फिल्म का था जो बहुत बड़ा हिट हुआ था. उसे आज भी बड़े चाव से सुना जाता है. आप भी सुनिए:



वीडियो देखें:

Also Read:
स्पेस मूवी ‘चंदा मामा दूर के’ की ये 10 बातें आप ज़रूर जानना चाहेंगे

राज कुमार के 42 डायलॉगः जिन्हें सुनकर विरोधी बेइज्ज़ती से मर जाते थे!

फ्रंटल न्यूडिटी देने वाली वो बहादुर भारतीय अभिनेत्री

केजरीवाल पर पांच साल से बन रही फिल्म अब रिलीज होगी

Advertisement
Advertisement