सर्जिकल राजेश अरोड़ा उन चुनिंदा लोगों में से हैं, जिन्हें इस पन्ने पर लिखा कंटेंट पसंद आया. ज्यादातर लोगों ने चेतन की मौज ली है. इसमें जो सबसे मजेदार ट्वीट्स थे वो हम निकालकर आपके लिए ले आए हैं. साला खडूस नाम का अकाउंट चलाने वाले एक शख्स ने लिखा था, मैं नहीं जानता चेतन भगत की किताब का 57 नंबर पेज क्या मायने रखता है पर उनके लिए बहुत रिस्पेक्ट है जिन्होंने बस कुछ ट्वीट करने से लिए उनकी किताब खरीद ली.
रोफल गांधी टिश्यू पेपर खोज रहे हैं.
Ahem..Ahem..
ये वाला आप खुद ही पढ़ लें तो अच्छा है.
लाइब्रेरी से घर? काहे के लिए?
नन्हा फरिश्ता शब्द की खूबसूरती यहां झरझर कर सामने आ रही है.
कबाड़ीवाला ऑनलाइन है.
इसमें TVF वाले भी कूद आए.
ये कुछ ज्यादा हो गया क्या?
पन्ना पढ़ने के बाद
सेंसर इट!
और किसी ने ये चुटकुला सुना दिया.
बहरहाल चेतन का इस पर रिएक्शन आया है. उन्होंने लिखा, 'मेरे ऊपर पत्थर फेंको. मैं घर बना लूंगा. मेरे ऊपर थूको, मैं और चमकूंगा. यही है जो मुझे, मेरे जैसा बनाता है. भगवान आपका भला करे.'
चेतन ने ये भी कहा, मैंने अपने लिए नफरत और ट्रोल को अपनी मार्केटिंग के लिए यूज करना सीख लिया है. ये सच में मदद करता है. अच्छे काम को आगे बढ़ाता है. मैं आपके जैसा तो नहीं कर सकता. आपको प्यार और शुक्रिया!
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