सुबह तक ये ट्वीट लगा था जिसके हिसाब से 54 हजार 247 रुपए प्रति किलो की दर से फसल बिक रही थी.
इसकी पूरी गणित ये है. 31.13 लाख टन
एक टन = एक हजार किलो
31.13 लाख = 31,13,000
31.13 लाख टन= 3113000*1000
=31,13,000000 6130 करोड़ की फसल
61300000000
इस आंकड़े को ऊपर वाले, मतलब 31,13,000000 से भाग कर देंगे
टोटल निकला 19.69, यानी ये आंकड़ा भरोसे लायक है. इस पूरे मामले में सबसे अच्छी बात ये है बात जहां तक पहुंचनी थी वहां पहुंची. और गलती को दुरुस्त किया गया. इस कदम का स्वागत किया जाना चाहिए. इससे ज्यादा हम कहेंगे तो आप कहोगे लल्लन फालतू में डिप्लोमेटिक बयान देकर पका रहा है. लेकिन गुरू, अच्छी बात की तारीफ करने में पीछे न रहिना. ये भी पढ़ें: पिछली खबर: ये किस फसल का रेट 54247.78 रुपए प्रति किलो दे रही है सरकार? अखिलेश, तुम्हारा एक पन्ने का विज्ञापन लिखने वाला तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन है












