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एक और पत्रकार पर गोली चल गई है, खुशनसीब थे कि बच गए

'राष्ट्रीय सहारा' के पत्रकार पर बिहार के अरवल में दो लोगों ने हमला किया था.

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पंकज मिश्रा एक बैंक के लिए बतौर कलेक्शन एजेंट भी काम करते हैं
पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या को तीन दिन पूरे नहीं हुए थे कि एक और पत्रकार को गोली मार दी गई है. हमलावर बिहार के अरवल में 'राष्ट्रीय सहारा' के लिए काम करने वाले पंकज मिश्रा को लूटने के इरादे से आए थे. वाकया 7 सितंबर, 2017 का है.
पटना मेडिकल कॉलेज में पंकज का इलाज चल रहा है. उन पर हमला करने वाले दो लोगों में से एक कुंदन महतो को गिरफ्तार कर लिया गया है. कुंदन चोरी के लिए छह महीने की सज़ा काट चुका है और कुछ ही समय पहले जेल से बाहर आया है. पुलिस कुंदन के साथी अंबिका महतो को तलाश रही है.
 
हमलावरों ने गौरी लंकेश पर 7 राउंड गोलियां चलाईं...
5 सितंबर, 2017 को पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या कर दी गई थी.

 
आपसी रंजिश का मामलाः पुलिस
घटना के वक्त पंकज के पास एक लाख रुपया कैश था जो उन्होंने थोड़ी ही देर पहले बैंक से निकाला था. हमलावरों ने पंकज का रास्ता रोक रखा था. पंकज ने जब अपनी बाइक रोकी, कुंदन और अंबिका ने पिस्तौल अड़ा कर उनसे पैसे छीनने की कोशिश की. पंकज ने उनका मुकाबला किया तो उन्हें गोली मार दी गई जो उनकी पीठ को छूते हुए निकली. पंकज अपनी जान बचाने दौड़े तो गांव के ही एक लड़के ने उन्हें संभाला और अस्पताल ले गया.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस इसे आपसी रंजिश का मामला मान रही है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पंकज कांग्रेस की अरवल इकाइ से जुड़े रहे हैं और एक सरकारी बैंक के लिए बतौर कलेक्शन एजेंट का काम करते हैं. वो बैंक से जुड़ा एक हेल्प सेंटर भी चलाते हैं. पंकज ने एनडीटीवी से कहा है कि वो हमलावरों को पहले से जानते हैं. कुंदन महतो जनता दल युनाइटेड के कुरथा से विधायक सत्यदेव सिंह के निजी सचिव (पीए) अनंत कुमार वर्मा के बेटा है.



 
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