राम मंदिर पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सीनियर नेता जगदानंद सिंह (Jagdanand Singh) के एक बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है. जगदानंद सिंह ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण "नफरत की जमीन" पर हो रहा है. उन्होंने कहा कि भारत में अब सिर्फ उन्मादियों के राम बचे हैं. जगदानंद सिंह आरजेडी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष हैं. 6 जनवरी को वो मीडिया से बात कर रहे थे. उनका ये बयान अमित शाह की उस घोषणा पर आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि एक जनवरी 2024 को अयोध्या में राम मंदिर तैयार मिलेगा.
"अयोध्या में नफरत की जमीन पर बन रहा राम मंदिर", आरजेडी नेता के बयान पर मचा बवाल!
"अब राम कण-कण से सिमटकर पत्थरों की चारदिवारी में चले गए हैं."


मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए जगदानंद सिंह ने कहा कि अब ये भारत राम का नहीं रहेगा, सिर्फ एक मंदिर राम का रहेगा. क्योंकि अब कण-कण से सिमटकर पत्थरों की 'चारदिवारी' में राम चले गए हैं. जहां नफरत की जमीन पर राम मंदिर का निर्माण हो रहा है. जगदानंद सिंह ने कहा,
"इस भारत में अब उन्मादियों के राम बचे हैं. अब लोगों के, गरीबों के, झोपड़ी वालों के, तुलसी के राम, शबरी के जूठे बेर खाने वाले राम अब भारत में नहीं बल्कि पत्थरों के भीतर कैद राम रहेंगे. बाकी सब जगह से राम खत्म हो गए हैं. यही हुआ है."
जगदानंद सिंह के मुताबिक, भारत की भूमि राममय और कृष्णमय मानी जाती थी, अब सब खत्म हो गया है. भारत के राम भारत के कण-कण में रहेंगे, RSS वालों का राम जहां चाहे बैठे.
उन्होंने आगे कहा,
“भारत राम का नहीं रहेगा, सिर्फ एक मंदिर का रहेगा, पत्थरों के बीच में अब वो रहेंगे, अब लोगों के हृदय के बीच वो नहीं रहेंगे, मेरी समझ में ये बात नहीं आ रही है. राम को कभी भी भारत से, लोगों के दिलों से छीनकर पत्थर के आलीशान भवन में कैद नहीं किया जा सकता है. ना अयोध्या में राम कैद हुए, ना रावण को हराने के बाद लंका में राम का वास हुआ. राम का असली वास तो शबरी की झोपड़ी में हुआ. हमलोग 'हे राम' वाले हैं ना कि 'जय श्री राम वाले.”
बीजेपी ने जगदानंद सिंह के इस बयान को लेकर आरजेडी पर निशाना साधा है. पार्टी ने जगदानंद सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि 'हिंदू आस्था' पर आपत्तिजनक बयान देकर तुष्टिकरण की राजनीति की जाती है. पूनावाला ने एक बयान जारी कर कहा,
"उन्होंने राम जन्मभूमि को नफरत की जमीन कहा है. क्या इस तरह का बयान किसी और धर्म के बारे में दिया जा सकता है? क्या हिंदू आस्था पर चोट करना सेक्यूलरिज्म बन चुका है? क्या वोट के लिए हिंदू आस्था पर चोट करना जरूरी है? इस पर कार्रवाई होनी चाहिए."
हाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह त्रिपुरा के दौरे पर थे. त्रिपुरा में इस साल मार्च में विधानसभा चुनाव होने हैं. 5 जनवरी को एक रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा था कि एक जनवरी 2024 को अयोध्या में 'गगनचुंबी राम मंदिर' तैयार दिखेगा.

















