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दी लल्लनटॉप अड्डा: PM मोदी ने 'गला काटने की राजनीति' कहा था, CM गहलोत ने जवाब क्या दिया?

अशोक गहलोत ने कहा है कि जो काम उनकी सरकार ने किए हैं उसका पीएम मोदी अध्ययन कराकर और देशभर में लागू कराएं.

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राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत भी लल्लनटॉप अड्डे पर आए. सीएम ने पीएम नरेंद्र मोदी से जुड़े बयानों और हाल में हुई कई घटनाओं के बारे में बात की. (फोटो- PTI)

'दी लल्लनटॉप अड्डा' का जमावड़ा लगा है राजस्थान के जयपुर (Jaipur) शहर में. अड्डे में कई हस्तियां पहुंचीं. सबने अपने विचार रखे, दिलचस्प किस्से सुनाए और अनुभवों को साझा किया. किस्से-कहानियों के इस सिलसिले को जारी रखने के लिए राजस्थान (Rajasthan) के सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) भी लल्लनटॉप अड्डे पर आए. उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से जुड़े बयानों और हाल में हुई कुछ घटनाओं के बारे में बात की.  

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पीएम नरेंद्र मोदी के हालिया बयानों को लेकर सीएम गहलोत ने कहा,

“राजस्थान की योजनाएं देशभर में चर्चा का विषय हैं. चाहे वो स्वास्थ्य योजना हो या शहरी आवास योजना. जो काम हमने किए हैं, उसका वो अध्ययन कराएं और देशभर में लागू कराएं. उनकी दृष्टि में कौन सी योजना ठीक है वो वही जानें. हमने फैसले किए पहले वो तो केंद्र में लागू किए जाएं. हमारी बीमा योजना की लगभग 93 फीसदी कवरेज हो गई है. यूपी, बिहार जैसे राज्यों में 17-20 फीसदी ही है. लेकिन इन सभी आंकड़ों पर कोई गौर नहीं करता है.”

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पीएम के ‘गला काटने और तुष्टिकरण की राजनीति’ वाले बयान पर राजस्थान के सीएम ने बताया,

“वो घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी. उनको (पीएम मोदी से) मैं पूछना चाहता हूं कि जोधपुर में कब दंगे हुए. एक सांप्रदायिक तनाव हुआ था. आधे घंटे का तनाव हुआ था. लेकिन कोई दुर्घटना नहीं हुई थी. पीएम को पता नहीं कौन ऐसी बातें बता देता है. इसलिए मीडिया को भी सत्यता के आधार पर आलोचना करनी चाहिए. हम स्वागत करेंगे.”

27 जुलाई को राजस्थान में एक कार्यक्रम में भाषण के लिए पहले सीएम का नाम रखा गया था, लेकिन बाद में उनका नाम काट दिया गया. इससे जुड़े सवाल पर सीएम गहलोत ने बताया,

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“वो बड़ा गंभीर मामला था. एक तरफ तो पीएम भाषण में मुझे मित्र बोलते हैं. और फिर ऐसा होता है. किसी भी राज्य में पीएम जाते हैं तो कायदा होता है कि सीएम को शामिल करें. PMO की तरफ से मेरा नाम स्पीच में लिखा गया था. और बाद में काट दिया गया. जिसके बाद मैंने ट्वीट कर दिया. तो PMO ने ट्वीट से ही जवाब दिया. तो मुझे फिर ट्वीट करना पड़ा कि केंद्रीय मंत्रालय से नाम आया था.”

8 सितंबर को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का सीकर दौरा रद्द हुआ था. मुख्यमंत्री उदयपुर से हेलीकॉप्टर के जरिए सीकर के लिए उड़ान भरने वाले थे, लेकिन इसकी परमीशन उन्हें नहीं मिली. जिसके बाद उनको अपना दौरा रद्द करना पड़ा. इस पर सीएम गहलोत ने कहा कि पहले परमीशन दी गई, लेकिन बाद में मना कर दिया गया. G20 की मीटिंग की वजह से ऐसा किया गया था. गहलोत ने कहा कि उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई. लेकिन आपने पहले परमीशन दी, फिर मना कर दिया. ये गलत है. सीएम का कार्यक्रम ऑन-रिकॉर्ड होता है. अंत में कार्यक्रम रद्द करना पड़ा.

(ये भी पढ़ें: अशोक गहलोत ने अदालतों को करप्ट कहा, बवाल हुआ तो बोले- ‘ऐसा तो पूर्व जज कहते हैं’)   

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