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बंधकों के साथ हमास की हैवानियत, रिपोर्ट में दावा-'महिलाओं का रेप, शव के संग भी की दरिंदगी'

Hamas captives' sexual violence: रिपोर्ट में सामने आया कि 13 अलग-अलग तरीकों से पीड़ितों को टॉर्चर किया गया था. जिसमें, रेप, गैंग रेप, यौन शोषण शामिल है. पीड़ितों ने बताया कि जब उन्हें टॉर्चर किया जाता तब हमास के लड़ाके उनपर हंसते थे.

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रिपोर्ट में बताया गया कि हमास ने 13 अलग-अलग तरीकों से बंधकों को टॉर्चर किया. (सांकेतिक फोटो-wikimedia commons)

फिलिस्तीनी संगठन हमास ने इजरायली बंधकों के साथ रेप, मारपीट और यौन शोषण किया था. ऐसा एक इजरायली संगठन की रिपोर्ट में दावा किया गया है. बताया गया कि 7 अक्टूबर, 2023 को इजरायल पर हुए हमले के दौरान और उसके बाद भी बंधकों को बेरहमी से टॉर्चर किया गया. दावा है कि इसके पीछे हमास का मकसद न सिर्फ बंधकों को डराना बल्कि पूरे इजरायल में दहशत फैलाना था.

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इजरायल का Crimes by Hamas against Women and Children संगठन ने 'साइलेंसड नो मोर' (Silenced No More) नाम से एक रिपोर्ट छापी. इस रिपोर्ट में 7 अक्टूबर 2023 के हमले के पीछे की कहानी बताई गई है. CNN ने इस रिपोर्ट के हवाले से लिखा कि 13 अलग-अलग तरीकों से पीड़ितों को टॉर्चर किया गया था. जिसमें, रेप, गैंग रेप, यौन शोषण, परिवार के सामने पीड़ित को म्युटिलाइज करना (शरीर के अंग को काटना) शामिल है. 

रिपोर्ट के मुताबिक, महिला और पुरुष दोनों को टारगेट किया गया. उनके साथ गैंग रेप किया गया और इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई. इस रिपोर्ट में 430 लोगों का बयान लिया गया है, जिसमें रिहा किए गए बंधक और प्रत्यक्षदर्शी शामिल हैं. इसके अलावा 10 हज़ार से ज्यादा तस्वीरें और वीडियो हैं, जो इस घटना के दौरान ली गईं. कुछ वीडियो तो खुद हमास ने टॉर्चर के दौरान रिकॉर्ड किए हैं. पीड़ितों का कहना है कि जब उन्हें टॉर्चर किया जाता था तब हमास के लड़ाके उनपर हंसते थे. 

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महिलाओं के शव के साथ भी किया रेप

रिपोर्ट में ये भी दावा है कि महिलाओं के साथ रेप किया गया और कुछ के शव के साथ भी हमास के लड़ाकों ने रेप किया. बाकी बंधकों को इस दौरान ये सारी वीभत्स घटना देखने के लिए मजबूर किया जाता था. पीड़ितों ने बताया कि यौन शोषण के दौरान कई बंधकों की हत्या कर दी गई. उसके बाद उनके शव को ट्रॉफी की तरह सजा कर रखते. ये भी दावा है कि अगर एक ही परिवार के कुछ लोगों को बंधक बनाया है तो पीड़ित के परिवार वालों को ही यौन शोषण के लिए मजबूर किया जाता था. लोगों को साइकोलॉजिकल लेवल पर कमजोर करने के लिए ऐसा किया जाता था. एक मेल सर्वाइवर का कहना है कि उसे ‘सेक्स डॉल’ की तरह ट्रीट किया जाता था. 

रिपोर्ट के मुताबिक, नोवा म्यूजिक फेस्टिवल में करीब 370 लोगों की हत्या कर दी गई. इसी फेस्टिवल में राज़ कोहेन (Raz Cohen) नाम के एक सर्वाइवर ने बताया, 

‘एक आदमी ने एक महिला को गाड़ी से खींचा, फिर जबरदस्ती उसके कपड़े उतारे, उसके साथ रेप किया और मार दिया. मारने के बाद भी रेप करता रहा.’

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यौन शोषण एक स्ट्रैटेजी है 

रिपोर्ट में बताया गया कि ये सब कुछ यूं ही नहीं किया गया, बल्कि इसके पीछे एक स्ट्रैटेजी है. यौन हिंसा को एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया. लोगों के मन में दशहत फैलाने और साइकोलॉजिकल लेवल पर कमजोर करने के मकसद से ऐसा किया गया. कुछ केस में पीड़ितों के साथ यौन शोषण का वीडियो सोशल मीडिया के जरिए उनके परिवार वालों को भेजा गया. इंटरनेशनल लॉ एक्सपर्ट डॉ. कोचाव एल्कायम लेवी (Dr. Elkayam-Levy) ने बताया कि ये दहशत केवल बंधकों तक सीमित नहीं है. इजरायल के बाकी नागरिकों के अंदर डर और आतंक फैलाने के लिए ऐसा किया गया.  

रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटनाएं वॉर क्राइम और क्राइम अगेंस्ट ह्यूमैनिटी अंतर्गत आती हैं. कमीशन चाहती है कि इजरायली सरकार खास तौर पर जेंडर बेस्ड क्राइम के लिए कार्रवाई करे. बता दें कि सरकार ने हाल ही में अक्टूबर 7 वाले आतंकी हमले के लिए एक लॉ पास किया है. जिसके तहत यौन शोषण के आरोपियों की अलग से सुनवाई की जाएगी. 

वीडियो: दुनियादारी: ग़ज़ा में हमास विरोधी प्रदर्शन कैसे खड़ा हुआ?

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