अशोक गहलोत ने अदालतों को करप्ट कहा, बवाल हुआ तो बोले- 'ऐसा तो पूर्व जज कहते हैं'
अशोक गहलोत ने जो बोला था अगले ही दिन उसका सारा ठीकरा रिटायर्ड जजों पर मढ़ दिया!

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Rajasthan CM Ashok Gehlot). हाल ही में उन्होंने एक बयान दिया था, अब अपने उस बयान से कन्नी काट ली है. दरअसल, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने न्यायपालिका को लेकर एक बयान दिया था. गहलोत ने कहा था कि न्यायपालिका भयंकर भ्रष्टाचार से जूझ रही है. निचली और ऊपरी सभी अदालतों में हालात बहुत गंभीर हैं.
अब अपने बयान से गहलोत ने यू-टर्न ले लिया है. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार को लेकर जो उन्होंने कहा वो उनकी निजी राय नहीं है. 31 अगस्त को गहलोत ने एक ट्वीट कर कहा,
गहलोत के मुताबिक उनका न्यायपालिका पर इतना विश्वास है कि जजों की नियुक्ति के लिए हाईकोर्ट कॉलेजियम के जो नाम उनके पास टिप्पणी के लिए आते हैं, उन पर कभी उन्होंने कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की है. उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि हर नागरिक को न्यायपालिका का सम्मान करना चाहिए और उस पर विश्वास करना चाहिए. इससे लोकतंत्र मजबूत होगा.
अशोक गहलोत ने पहले क्या-क्या कहा था?इससे पहले गहलोत ने कहा था कि न्यायपालिका भयंकर भ्रष्टाचार से जूझ रही है. उनके मुताबिक उन्होंने सुना है कि कई वकील जो जजमेंट लिखकर ले जाते हैं, अदालत से वही फैसला आता है. निचली या ऊपरी सभी अदालतों में हालात बहुत गंभीर है.
राजस्थान सीएम ने आगे कहा कि आज से 25 साल पहले मुख्यमंत्री की सिफारिश पर हाईकोर्ट के जज नियुक्त होते थे. वो भी कभी केंद्रीय मंत्री रहे हैं. उस समय उन्होंने भी किसी की सिफारिश की होगी और उन सिफारिशों को माना गया होगा. गहलोत ने कहा कि उन्होंने कभी किसी के जज बनने के बाद उससे बात नहीं की. लेकिन आज न्यायपालिका में भारी भ्रष्टाचार की बात सुनने को मिलती है. हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों से तालमेल बैठाकर काम करवाए जाते हैं.
बिहार में शिकायत दायर की गईराजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के न्यायपालिका में भ्रष्टाचार वाले बयान को लेकर बिहार के एक वकील ने शिकायत दर्ज करवा दी है. बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में एक निजी शिकायत दायर की गई है. सुधीर कुमार ओझा नाम के वकील ने ये शिकायत दायर ही है. शिकायत में आरोप लगाए गए हैं कि गहलोत ने जानबूझकर वकीलों की प्रतिष्ठा के साथ खिलवाड़ किया है, और ये कोर्ट की अवमानना के समान है.
शिकायत में आगे कहा गया कि राजस्थान के सीएम के खिलाफ IPC की धारा 500, 501, 504 और 506 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाए. लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट इस मामले पर 11 सितंबर को सुनवाई कर सकता है.
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