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कांग्रेस नेता दिनेश मीणा की निर्मम हत्या के पीछे कौन? ट्विटर पर #दिनेश_को_न्याय_दो पर ट्रेंड

दिनेश पर पहले फावड़े से हमला किया गया. वो भागे तो आरोपियों ने घेर कर लाठी, डंडे, तलवार, सरिये और धारदार हथियारों से उन पर हमला किया.

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दिनेश मीणा के न्याय के लिए लोग सड़क पर उतर आए हैं. (फोटो- ट्विटर)

राजस्थान के बारां (Rajasthan Baran) जिले का अटरू थाना क्षेत्र. 17 जुलाई को क्षेत्र में भारी बवाल मच गया. बवाल हुआ ब्लॉक कांग्रेस महासचिव दिनेश मीणा की मौत होने के कारण (Dinesh Meena Murder). इसके बाद इलाके के आक्रोशित लोगों ने लोक परिवहन बस में आग लगा दी. कई अन्य वाहनों के साथ तोड़फोड़ भी की गई. सोशल मीडिया पर दिनेश की मौत के बाद #दिनेश_को_न्याय_दो नाम से हैशटैग भी वायरल हुआ.

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जमीन विवाद के चलते हुआ था विवाद

दरअसल, 24 जुलाई की शाम बारां के मोठपुर थाना क्षेत्र में पड़ने वाले गांव झारखंड के रहने वाले कांग्रेस नेता दिनेश मीणा, उनके चाचा मोहनलाल मीणा, लखन मीणा और सुरेंद्र मीणा सहकारी समिति के चुनावों के लिए पास के बमोरी गांव गए थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सभी दो अलग-अलग बाइक पर गांव के लिए निकले थे. वहीं से लौटते वक्त दिनेश मीणा की बमोरी निवासी पंकज नागर से कहासुनी हो गई. ऐसा बताया गया है कि झारखंड और बमोरी गांव के पास पड़ने वाली तीन बीघा भूमि को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था.

कहासुनी के बाद पंकज नागर और उसके 15-20 साथियों ने बाइक सवार दिनेश और लखन पर फावड़े से हमला कर दिया. दोनों मौके से जान बचाकर निकल गए. लेकिन आरोपियों ने दोनों का पीछा कर गांव से पहले उन्हें घेर लिया. इसके बाद दिनेश मीणा और लखन मीणा पर कथित तौर पर लाठी, डंडे, तलवार, सरिया और धारदार हथियारों से हमला किया गया. हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए.

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दोनों को अस्पताल ले जाया गया था. वहां से उन्हें बारां रेफर कर दिया गया. प्राथमिक उपचार के बाद दिनेश को गंभीर हालत में कोटा और वहां से जयपुर रेफर किया गया. लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. 16 अगस्त को जयपुर के फोर्टिस अस्पताल में इलाज के दौरान दिनेश की मौत हो गई.

मौत के बाद बवाल

दिनेश मीणा की मौत के बाद 17 अगस्त को पुलिस उनका शव उनके गांव झारखंड ले जा रही थी. इलाके के लोगों को जैसे ही ये सूचना मिली तो वो अटरू-खानपुर स्टेट हाइवे पर धरने के लिए बैठ गए. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अटरू इलाके के गऊघाट, बमोरी और झारखंड समेत आसपास के गांवों में तनाव का माहौल है. आक्रोशित भीड़ पुलिस को धरना स्थल के पास प्रवेश नहीं करने दे रही है.

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मामले को लेकर अब राजनीति भी शुरू हो गई है. धरना स्थल पर कई पूर्व विधायक और जिला प्रमुख आदि भी पहुंचे हैं. वहीं सोशल मीडिया पर भी दिनेश को न्याय देने की बात की जा रही है. इसके लिए कई हैशटैग चलाए जा रहे हैं.

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