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राजस्थान में 14 लाख से ज्यादा लोग वोट नहीं डाल पाएंगे? वजह BJP, कांग्रेस की टेंशन बढ़ा देगी

राजस्थान में चुनाव आयोग ने राज्य के सभी 51,756 मतदान केंद्रों पर 75 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य रखा है. लेकिन 23 नवंबर को शादियों की ये संख्या चौंकाने वाली है. आखिर इस दिन इतनी ज्यादा शादियां क्यों हो रही हैं?

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इस दिन राजस्थान के बहुत लोग बिजी रहेंगे | प्रतीकात्मक फोटो: आजतक

राजस्थान में चुनाव होगा 23 नवंबर को. इसी दिन देवउठनी एकादशी है. इस दिन को शादियों के लिए बेहद शुभ मुहूर्त के तौर पर देखा जाता है. इसलिए इस दिन खूब शादियां होती हैं. शादी विवाह के व्यापार से जुड़े लोगों के अनुसार देवउठनी एकादशी के पावन पर्व पर इस बार पूरे राजस्थान में करीब 50 हजार शादियां होने की संभावना है. जाहिर है कि ये खबर राजनीतिक दलों की टेंशन बढ़ा देगी. लेकिन शादियों का ये आंकड़ा कहां से आया? कितने लाख लोग उस दिन शादी के काम में बिजी हो सकते हैं? सब कुछ आगे खबर में जानते हैं.    

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शादियों का ये आंकड़ा कहां से आया? 

PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक शादियों के कार्यक्रम के कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि चुनाव आयोग ने राज्य के सभी 51,756 मतदान केंद्रों पर 75 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य रखा है. लेकिन इन शादियों की वजह से राज्य में मतदान प्रतिशत प्रभावित हो सकता है.

ऑल इंडिया टेंट डेकोरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं रवि जिंदल. उन्होंने पीटीआई को बताया,

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“देवउठनी एकादशी शादियों के लिए सबसे शुभ अवसर है, और हिंदू समुदाय की सभी जातियों के लोग इस दिन विवाह कार्यक्रम करना पसंद करते हैं. इस साल देवउठनी एकादशी के मौके पर 23 नवंबर को 50,000 से अधिक शादियां होने की उम्मीद है.’’

क्या 14 लाख लोग नहीं दे पाएंगे वोट?

रवि जिंदल ने आगे कहा कि राजस्थान में टेंट डीलर, इवेंट मैनेजर समेत करीब 4 लाख व्यापारी हैं. इनके अलावा राज्य में कैटरिंग, फूल, बैंड और कोरियोग्राफर्स आदि सर्विसेज से लगभग 10 लाख लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से विवाह उद्योग से जुड़े हुए हैं. जाहिर है कि इनमें से अधिकांश लोग उस दिन व्यस्त रहेंगे. 

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राजस्थान में इवेंट मैनेजर मनीष कुमार का भी कुछ यही कहना है. उन्होंने बताया,

“शादी के मौके पर लोग बड़े पैमाने पर शादी पार्टियों में शामिल होने दूसरे शहरों/जिलों में जाते हैं. इसी तरह, कैटरर्स, इलेक्ट्रीशियन, फूल विक्रेता, बैंड पार्टियां और शादी के कामों से जुड़े अन्य लोग पूरे दिन व्यस्त रहते हैं. अब उनमें से कई लोग इस वजह से मतदान करना छोड़ सकते हैं.”

नेता क्या बोले?

इस मसले पर BJP नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया का बयान भी आया है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि 23 नवंबर को शादियों का बड़ा दिन होने के बाद भी वोटिंग पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी कार्यकर्ता हर मतदाता को मतदान केंद्रों तक लाने की कोशिश करेंगे और इसमें सफल भी होंगे.

बता दें कि चुनाव आयोग ने सोमवार (9 अक्टूबर) को पांच राज्यों राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया. चुनाव आयोग के अनुसार, सबसे पहले मिजोरम में 7 नवंबर को वोटिंग होगी. वहीं छत्तीसगढ़ में दो चरण में 7 और 17 नवंबर को वोटिंग होगी. मध्य प्रदेश और राजस्थान में एक चरण में चुनाव होगा. मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को और राजस्थान में 23 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. सबसे आखिर में तेलंगाना में 30 नवंबर को चुनाव होगा. चुनाव आयोग के मुताबिक 3 दिसंबर को सभी राज्यों के चुनाव के नतीजे एक साथ आएंगे.

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