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अब पेप्सी और कोका कोला के नाम से चलेंगी ट्रेनें!

रेलवे में शुरू होने वाली है कमर्शियल एडवर्टाइजिंग.

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फोटो - thelallantop
'यात्री गण कृपया ध्यान दें. पेप्सी राजधानी एक्सप्रेस थोड़ी देर में प्लेटफार्म नंबर दो पर आ रही है. और MDH मसाला शताब्दी एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर एक पर खड़ी है.'
इस तरह की अनाउंसमेंट के लिए तैयार रहिए. रेलवे बहुत जल्द कमर्शियल एडवर्टाइजिंग का प्लान लेकर आ रहा है. ट्रेनों के नाम के साथ-साथ स्टेशनों के नाम भी ब्रांडिंग के लिए उपलब्ध होंगे. रेलवे को इससे खासी कमाई होने की उम्मीद है. 'टाइम्स ऑफ इंडिया' के मुताबिक, रेलवे बोर्ड की तरफ से इस योजना को लेकर पूरी तैयारी भी हो चुकी है.
A View from outside of the most luxurious world class state -of-the-art indigenously built German technology ALSTOM-LHB design coaches, first to be introduced in New Delhi-Mumbai Rajdhani Express, in New Delhi on July 01, 2003 (Tuesday).

सरकार का मकसद बिना किराया बढ़ाए रेलवे की आमदनी बढ़ाने का है. इस प्रपोजल को लेकर रेलवे बोर्ड के अधिकारियों की कई दौर की मीटिंग हो चुकी है. और अगले हफ्ते तक इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है. रेलवे की नई नीति के मुताबिक कोई भी कंपनी पूरी ट्रेन को ब्रांडिंग करने के मीडिया राइट्स को खरीद सकती है. यहां तक कि ट्रेन के अंदर और बाहर की बॉडी को भी एडवर्टाइज कर सकती है. जैसा कि अभी दिल्ली मेट्रो में हो भी रहा है.
टाइम्स ऑफ इंडिया ने रेलवे के एक सीनियर अफसर के हवाले से बताया ट्रेनों और स्टेशनों के मीडिया राइट्स को एक लंबी अवधि के लिए बड़े कॉरपोरेट प्लेयर्स को दिए जाने की योजना है. ताकि रेलवे अपना इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने के लिए रेवेन्यू जेनरेट कर सके. दो साल पहले इस योजना पर काम शुरू हुआ था. इस योजना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाल ही में रेलवे अधिकारियों के साथ मीटिंग हुई थी. जिसके बाद इस योजना को जल्द अंजाम देने का काम शुरू हो गया है. 
प्रस्तावित बुलेट ट्रेन
प्रस्तावित बुलेट ट्रेन
रेलवे ने 2015 में रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिकल सर्विसेज (RITES) को इस पर रिपोर्ट बनाने के लिए कहा था कि कमर्शियल एडवर्टाइजिंग से रेलवे को कितनी कमाई हो सकती है. इस पर काम करने के बाद RITES ने रेलवे को कमर्शिलय एडवरटाइजिंग पर फोकस करने के लिए कहा. RITES की रिपोर्ट में कहा गया कि इससे रेलवे को सालाना सैकड़ों करोड़ का प्रॉफिट हो सकता है.
RITES की रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र था कि ट्रेनों के नाम के आगे कंपनी का नाम जोड़ा जाए. जैसे कि पेप्सी राजधानी, कोका कोला शताब्दी, कुछ इसी तरह के दूसरे नाम. रेलवे के स्टेशन, पुलों और दूसरी जगहों के भी एडवर्टाइजिंग की सलाह दी गई थी.


 ये स्टोरी आदित्य प्रकाश ने की है 


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