कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को सार्वजनिक मंच पर डिबेट की चुनौती दी है. जिसको लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) उनपर हमलावर (BJP Attack on Rahul Gandhi) हो गई है. राहुल गांधी ने 11 मई को कहा कि उन्हें और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लोकसभा चुनाव पर सार्वजनिक बहस में हिस्सा लेने में खुशी होगी. राहुल ने उम्मीद जताई की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस बहस के लिए निमंत्रण स्वीकार करेंगे. जिसपर अब स्मृति ईरानी (Smriti Irani) समेत भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं की तरफ से उनपर हमला बोला गया है.
केंद्रीय मंत्री और अमेठी से BJP की लोकसभा उम्मीदवार स्मृति ईरानी ने कहा,
राहुल ने मोदी को खुले मंच पर बहस का न्योता दिया था, BJP का जवाब आया- 'राहुल गांधी हैं कौन...'
Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को सार्वजनिक मंच पर डिबेट की चुनौती दी थी. जिसको लेकर Smriti Irani समेत BJP के कई नेताओं की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई है.
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“राहुल गांधी के अंदर अपने तथाकथित महल में एक सामान्य BJP कार्यकर्ता के खिलाफ चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं है. वो शेखी बघारने से बचें. दूसरी बात, जो पीएम मोदी के बराबर बैठकर बहस करना चाहते हैं तो मैं उससे पूछना चाहती हूं कि क्या वो INDI गठबंधन के प्रधानमंत्री उम्मीदवार हैं?”
वहीं तेजस्वी सूर्या ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा,
“राहुल गांधी कौन हैं, जो पीएम मोदी उनसे बहस करें? राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी की तरफ से PM उम्मीदवार भी नहीं हैं, INDI गठबंधन की तो बात ही छोड़ दें. पहले वो खुद को कांग्रेस का PM उम्मीदवार घोषित करवाएं, कहें कि वह अपनी पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेंगे और फिर प्रधानमंत्री को बहस के लिए बुलाएं.”
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दरअसल दो पूर्व न्यायाधीशों और वरिष्ठ पत्रकार एन राम ने कुछ दिनों पहले राहुल गांधी और प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर प्रमुख चुनावी मुद्दों पर सार्वजनिक बहस के लिए आमंत्रित किया था. जिसे राहुल गांधी ने स्वीकार किया था. राहुल ने इसके जवाब में अपने सोशल मीडिया हैंडल पर जवाब की एक कॉपी शेयर की थी. जिसमें लिखा था,
“स्वस्थ लोकतंत्र के लिए प्रमुख दलों के जरिए एक ही मंच से देश के सामने अपना दृष्टिकोण रखना एक सकारात्मक पहल होगी. अलग-अलग दलों पर किसी भी निराधार आरोप पर लगाम लगाना भी जरूरी है. चुनाव लड़ने वाली प्रमुख पार्टियां होने की वजह से जनता सीधे अपने नेताओं को सुनने की पूरी हकदार है. इसलिए मुझे या कांग्रेस अध्यक्ष को इस तरह की बहस का हिस्सा बनने में बेहद खुशी होगी.”
राहुल ने साथ ही लिखा था कि पूरा देश प्रधानमंत्री जी से भी इस संवाद में हिस्सा लेने की उम्मीद करता है.
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