पलवल में 1 जनवरी की रात 6 लोगों की हत्या करने वाला साइको किलर नरेश धनखड़ अब भी दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती है. डॉक्टरों के मुताबिक नरेश की हालत स्थिर नहीं है और इसीलिए पुलिस अब तक उसके बयान नहीं ले पाई है. कोई नहीं जानता कि नरेश ने जो किया, क्यों किया. लेकिन मामले की जांच कर रही एसआईटी को एक ऐसी जानकारी मिली है, जो इस पागलपन की कम से कम एक वजह देती है.
पलवल का साइको किलर क्या अपनी बीवी को मारने अस्पताल गया था?
1 जनवरी की रात हरियाणा के पलवल की सड़कों पर मौत नाच रही थी, 6 कत्ल हुए.

उस रात नरेश रॉड लेकर सबसे पहले एक अस्पताल में घुसा था और वहीं उसने पहला मर्डर किया था. पुलिस को जानकारी मिली है कि नरेश वहां अपनी पत्नी सीमा को मारने गया था. उसे शक था कि सीमा उस अस्पताल में है. एक दूसरा एंगल भी है. अमर उजाला में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक साल भर पहले नरेश का अस्पताल के एक डॉक्टर से झगड़ा हो गया था और वो उसी सनक में रॉड लेकर अस्पताल गया था.
नरेश ने रात दो बजे से चार बजे के बीच 7 लोगों पर रॉड से हमला किया था, जिनमें से 6 लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में एक महिला है, जबकि बाकी पुरुष हैं. नरेश मछगर का रहने वाला है और सेवानिवृत्त फौजी है. सेना से निकलने के बाद वो हिसार के कृषि विभाग में एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर के पद पर नौकरी करने लगा, लेकिन अब वो इस नौकरी से भी सेवानिवृत्त हो चुका था. सीसीटीवी कैमरे में नरेश की फुटेज रिकॉर्ड हुई थी, जिससे उसकी पहचान की जा सकी.

सीसीटीवी फुटेज में नरेश
अस्पताल में पहली हत्या करके नरेश हॉस्पिटल के टॉइलेट में छिप गया. कई मिनटों तक जब उसके पास कोई नहीं आया, तो वो वहां से निकल गया और फिर सड़क पर उसे जो भी मिला, वो उस पर रॉड से हमला करने लगा.
आरोपी ने सभी हत्याएं सिटी थाने के अंडर आने वाले एरिया में कुछ ही मीटर के दायरे पर कीं. हॉस्पिटल में अंजुम नाम की औरत की हत्या के बाद उसने मोती कॉलोनी पार्क के चौकीदार, रसूलपुर रोड पर सुरेश इंजीनियरिंग वर्क्स के चौकीदार और रसूलपुर रोड मार्केट के चौकीदार की हत्या की. उसने कुल सात लोगों पर हमला किया था, जिनमें से एक बच गया और उसे पलवल के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है.

सीसीटीवी फुटेज में नरेश
नरेश करीब साढ़े तीन साल से ओमैक्स सिटी में अकेला रह रहा था. जब नरेश का परिवार ओमैक्स सिटी आता था, तो ये बाहर होता था और इसके आने पर परिवार वापस गांव चला जाता था. नरेश के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि वो सनकी है और जल्दी किसी से घुलता-मिलता नहीं है. लोगों को वो दिमागी तौर पर बीमार लगता है.
इतनी हत्याएं करने के बाद जब पुलिस ने नरेश को पकड़ने की कोशिश की, तो उसने पुलिस की टीम पर भी हमला किया. हमले में कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए, जिन्हें इलाज के लिए फरीदाबाद भेजा गया. वहां ब्रेन हैमरेज होने पर उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया है. पलवल में हाईअलर्ट जारी किया गया है. DSP अभिमन्यु लोहान के मुताबिक शुरुआती जांच में पता चला है कि नरेश ने बिना किसी वजह के ये हत्याएं की हैं और पूछताछ के दौरान वो बहकी-बहकी बातें कर रहा है.
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