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प्रशांत किशोर ने चुनावी भविष्यवाणियों से की तौबा, गलत नतीजे बताने पर क्या बोले?

लोकसभा चुनाव परिणाम से पहले उन्होंने कई इंटरव्यू में बीजेपी को 300+ सीट मिलने का अनुमान लगाया था.

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लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद प्रशांत किशोर ने चुप्पी तोड़ी. (फोटो- पीटीआई)

'जन सुराज' अभियान के कर्ता-धर्ता और चुनावी 'रणनीतिकार' प्रशांत किशोर (Prashant Kishor interview) ने आखिरकार स्वीकार किया है कि लोकसभा चुनाव 2024 नतीजों को लेकर उनके आकलन गलत हुए. चुनाव नतीजों के तीन दिन बाद प्रशांत किशोर ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. लोकसभा चुनाव परिणाम से पहले उन्होंने कई इंटरव्यू में बीजेपी को 300+ सीट मिलने का अनुमान लगाया था. हालांकि, चुनाव में बीजेपी 240 सीटों पर सिमट गई. नतीजे आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रशांत को उनके बयानों के लिए काफी ट्रोल भी किया गया.

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इंडिया टुडे टीवी को दिए एक इंटरव्यू में प्रशांत किशोर ने यहां तक कह दिया कि वे आगे किसी चुनाव में सीटों की संख्या का अनुमान नहीं लगाएंगे. इंटरव्यू में किशोर ने कहा, 

"मैंने आपके सामने अपना आकलन रखा था और मैं कैमरे पर स्वीकार करता हूं कि नंबर्स (सीटों के) को लेकर मेरा अनुमान गलत था. वो भी 20 फीसदी तक. हम कह रहे थे कि बीजेपी को 300 के आसपास सीटें आएंगी लेकिन उसे 240 मिली. लेकिन जैसा कि मैंने पहले कहा था कि नरेंद्र मोदी के खिलाफ थोड़ी बहुत नाराजगी है लेकिन मोटे तौर पर नहीं."

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21 मई को इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में भी प्रशांत किशोर ने कहा था कि बीजेपी को 300 के आसपास सीट मिलने की संभावना है. उन्होंने ये भी दावा किया था कि बीजेपी 270 से नीचे नहीं जाएगी. साथ ही कहा था कि पार्टी अपने पिछले चुनाव के प्रदर्शन (303 सीट) से भी अच्छा करेगी.

"नंबर में नहीं जाना चाहिए था"

अब प्रशांत ने कहा कि एक रणनीतिकार के रूप में उन्हें नंबरों में नहीं पड़ना चाहिए था. इसके पीछे कोई खास उद्देश्य नहीं था. उन्होंने कहा, 

“मैं पहले ऐसा कभी नहीं करता था. पिछले दो सालों से मैंने नंबर बताने की गलती शुरू कर दी. पहले बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान और अब 2024 का लोकसभा चुनाव. अगर आप नंबर को हटा दें तो मैंने जो कुछ भी कहा वो सही था.”

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उन्होंने आगे कहा कि अगर आप बीजेपी के वोट परसेंट तो देखें तो यह अब भी 36 फीसदी है जो कि 0.7 परसेंट कम हुआ है. दूसरी चीज, मोदी सरकार फिर से बनने जा रही है और बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी है.

ये भी पढ़ें- इस पार्टी ने की चुनाव आयोग से प्रशांत किशोर पर एक्शन लेने की मांग, सीटों का अनुमान लगाया था

प्रशांत किशोर से उनके कांग्रेस के 100 से कम सीटों और बंगाल में बीजेपी के सबसे बड़ी पार्टी बनने के अनुमानों के बारे में भी पूछा गया. इस पर उन्होंने जवाब दिया, 

“कोई भी गलत हो सकता है. अखिलेश यादव इस चुनाव में हीरो बनकर उभरे हैं. उन्होंने विधानसभा चुनाव में कहा था कि 400 सीटें आएंगी, लेकिन 125 आई, इसका मतलब ये नहीं है कि अखिलेश की राजनीतिक समझ और पकड़ खत्म हो गई है. अमित शाह ने कहा था कि बंगाल में उन्हें 200 सीट आएगी, नहीं आई तो इसका मतलब ये नहीं है कि उन्हें राजनीति की समझ नहीं है. राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश को लेकर कहा था कि बहुमत की सरकार आ रही है, 200 सीट जीतने जा रहे हैं लेकिन हार गए तो मतलब ये नहीं हुआ कि उन्हें राजनीति की समझ नहीं है.”

किशोर ने ये भी सफाई दी कि उन्होंने पांचवें चरण के बाद इंटरव्यू देना शुरू किया और बीजेपी का प्रदर्शन इसी राउंड के बाद खराब रहा है. उन्होंने स्वीकार किया कि वे पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र, इन सभी राज्यों को लेकर गलत साबित हुए.

प्रशांत किशोर ने ये भी कहा कि उन्होंने अगर नंबर नहीं बताया होता तो उनकी सारी बातें सही थीं. चंद्रबाबू नायडू को कैंपेन में मदद करने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि ये बिल्कुल गलत है, वे इस काम को छोड़ने के बाद दोबारा शुरू नहीं किया है.

वीडियो: जमघट: प्रशांत किशोर ने फंडिंग, चुनाव लड़ने, राम मंदिर और PM मोदी पर क्या-क्या कहा?

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