तुर्की और सीरिया में भूकंप (Turkey Earthquake) के तेज झटकों के कारण 1200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. भूकंप इतना प्रभावशाली था कि सैकड़ों इमारतें जमींदोज हो गईं. इस भूकंप के कारण मरने वाले लोगों की संख्या बढ़ सकती है. तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन के मुताबिक देश में अब तक कम से कम 912 लोगों की मौत हुई है और 5,380 लोग घायल हुए हैं. राष्ट्रपति ने बताया कि करीब 2400 लोगों को मलबे के नीचे से निकाला गया. अलग-अलग शहरों में 2800 से ज्यादा इमारतें ढह गईं. इस भयावह आपदा के बाद तुर्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद मांगी है.
भूकंप से तुर्की और सीरिया में 1200 से ज्यादा लोगों की मौत, तेज झटकों से दहले कई देश
तुर्की सरकार ने आपातकाल लगाने की घोषणा की है.


हालात बिगड़ने के बाद तुर्की सरकार ने आपातकाल लगाने की घोषणा कर दी. तुर्की की आपदा और आपात प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.8 थी. एजेंसी के मुताबिक भूकंप के कारण 5 हजार से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं. तुर्की के बाद भूकंप का सबसे ज्यादा असर पड़ोसी देश सीरिया में हुआ है. सीरिया में भी 300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है और हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, भूकंप के झटके तुर्की के कई शहरों के अलावा पड़ोसी देशों सीरिया, लेबनान और साइप्रस में भी महसूस किए गए. भूकंप का केंद्र गाजियेनटेप था, जो सीरियाई सीमा से सिर्फ 90 किलोमीटर दूर है. इस इलाके में कई सीरियाई शरणार्थी रहते हैं, जो सीरिया के गृह युद्ध से प्रभावित होकर विस्थापित हुए. तुर्की के गृह मंत्री के मुताबिक भूकंप का असर कम से कम 10 बड़े शहरों पर पड़ा है.
रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप की गहराई करीब 18 किलोमीटर थी. 7.8 तीव्रता का पहला तेज झटका स्थानीय समय के अनुसार सुबह 4 बजकर 17 मिनट पर महसूस किया गया था. इसके 10 मिनट बाद 6.7 तीव्रता का एक और भूकंप आया. भूकंप के बाद की कई तस्वीरें सामने आई हैं. इनमें इमारतें मलबे में तब्दील दिख रही हैं. कुछ लोग मलबे में दबे लोगों को निकालते नजर आ रहे हैं. कई लोगों ने मीडिया को बताया कि उन्होंने कई बार झटके महसूस किए. तु्र्की के अधिकारियों ने बताया कि कम से कम 20 आफ्टरशॉक (भूकंप के पहले बड़े झटके के बाद छोटे-छोटे झटके) महसूस किए गए.
उधर, सीरिया के अलेप्पो, लताकिया, हामा सहित कई हिस्सों में भी भारी नुकसान हुआ है. सीरिया की सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, भूकंप के कारण अब तक 326 लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है. वहीं एक हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.
जब 30 हजार लोगों की मौत हुई थीभूकंप के बाद तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने ट्विटर पर बताया कि सर्च और रेस्क्यू टीमों को तुरंत प्रभावित इलाकों में भेजा गया. हमारी कोशिश है कि इमारतों के मलबे में दबे लोगों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया जाए. उम्मीद है कि हम इस आपदा से जल्दी और कम नुकसान के साथ उबर जाएंगे.
तुर्की सहित कई पश्चिम एशियाई देश भूकंप के लिहाज से काफी संवेदनशील क्षेत्र माने जाते हैं. तुर्की में भूकंप के कारण बड़ी तबाही साल 1999 में आई थी. उत्तर पश्चिम तुर्की के कई शहरों में भूकंप के कारण तब 18 हजार लोगों की जान गई थी. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्की में भूकंप के कारण सबसे बड़ी तबाही दिसंबर 1939 में देखी गई थी. उत्तर-पश्चिमी तुर्की में 7.8 तीव्रता का ही भूकंप आया था. उस हादसे में करीब 30 हजार लोगों की मौत हुई थी.
वीडियो: वैज्ञानिकों ने कहां फिर भूकंप का खतरा बताया? कब आएगा, इस पर क्या बोले?






















