शशि थरूर (बाएं) और जयराम रमेश (दाएं) के बयानों से शायद कांग्रेस सहमत नहीं दिखती है.
DCGI यानी ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने कोविशील्ड और कोवैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस कदम का स्वागत किया है. लेकिन कुछ नेताओं ने वैक्सीन पर सवाल उठाए हैं. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बाद अब कांग्रेस के शशि थरूर और जयराम रमेश ने भी वैक्सीन को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि इसको मंजूरी देने में जल्दबाजी की गई. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने कहा कि कोवैक्सीन के तीसरे चरण का परीक्षण अभी नहीं हुआ है और इसे अनुमति मिल गई है. ये खतरनाक हो सकता है. उन्होंने ट्वीट में लिखा,
"कोवैक्सीन का अभी तक तीसरे चरण का परीक्षण नहीं हुआ है. इसको समय से पहले स्वीकृति मिली है जो खतरनाक हो सकती है. स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन को इस पर सफाई देनी चाहिए. इसका इस्तेमाल तब तक टालना चाहिए जब तक पूरे ट्रायल्स ना हो जाएं. भारत को फिलहाल एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का इस्तेमाल करना चाहिए."
https://twitter.com/ShashiTharoor/status/1345611349066358786 वहीं जयराम रमेश ने भी वैक्सीन पर सवाल उठाते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन से जवाब मांगा. उन्होंने कहा कि भारत बायोटेक एक नई कंपनी है. ये हैरत की बात है कि कोवैक्सीन के लिए, फेज़-3 से जुड़े प्रोटेकॉल को मोडिफाई किया जा रहा है. https://twitter.com/Jairam_Ramesh/status/1345577754343976960 कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने अखिलेश यादव के बयान को जायज बताया. उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के नेताओं को वैक्सीन से डर है तो गलत नहीं है. सरकार ने जिस तरह से एजेंसियों का इस्तेमाल किया है, ऐसे में अगर अखिलेश को वैक्सीन के गलत इस्तेमाल का डर है तो सरकार को चाहिए कि वो विपक्ष को कॉन्फीडेंस में ले. https://twitter.com/ANI/status/1345662433893830657 हांलांकि कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने वैक्सीन को लेकर वैज्ञानिकों को बधाई दी है. उनके ट्वीट को कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से भी ट्वीट किया गया है. अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि बायोटेक द्वारा देश में ही तैयार की गई कोरोना वैक्सीन को अप्रूवल मिलने पर हमारे वैज्ञानिकों और रिसर्चरों को बधाई. सीरम इंस्टीट्यूट और उनके वैज्ञानिकों को भी बधाई. उन्होंने लिखा कि भारत ने हमेशा अविष्कार किए हैं और देशा हमेशा ऐसा करता रहेगा. नए साल की बढ़िया शुरूआत हुई है. https://twitter.com/rssurjewala/status/1345653622315642881 वहीं इस मुद्दे पर नीति आयोग के सदस्य डॉ विनोद पॉल कहते हैं कि कोरोना वैक्सीन से डरने का कोई कारण नहीं है. उन्होंने कहा कि,
"जो फैसला हुआ है, वो डेटा के आधार पर हुआ है. सिस्टेमैटिक तरीके से ये फैसला लिया गया है. पहली बात तो ये कि इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत दी गई है. तीसरे फेज के परीक्षण जारी हैं. भारत बायोटेक की वैक्सीन काफी अच्छी है, ये वायरस के म्यूटेशन को भी खत्म कर सकता है. इसको लेकर चिंता की कोई बात नहीं है. बहुत सोच समझ कर, जांच परख कर इनको इजाजत दी गई है."
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा,
"हमारे निंदक जयराम जी, थरूर और अखिलेश जी अपने सच्चे रंग में हैं. वे इस बात से नाखुश हैं कि दो मेड इन इंडिया वैक्सीन्स को DCGI का अप्रूवल मिल गया है. साफ है कि वे लोग अब स्थाई राजनीतिक हाशिये पर हैं."
https://twitter.com/HardeepSPuri/status/1345656749051629568
दो वैक्सीन के आपात इस्तेमाल को मिली मंजूरी ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति दी है. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया के निदेशक वीजी सोमानी ने कहा कि Central Drugs Standard Control Organisation की subject expert committee ने एक जनवरी को कोविशील्ड और दो जनवरी को कोवैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति देने की सिफारिश की थी. इस कमेटी में डॉक्टर और वैज्ञानिक शामिल थे. सोमानी ने कहा कि दोनों वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित हैं और इनका इस्तेमाल इमरजेंसी की स्थिति में किया जा सकेगा.