अब PMO का ट्वीट देख लो. वहां से पहले क्लियर कट कर दिया गया कि ये ऑथेंटिक नहीं है. लेकिन लोग हैं कि मान नहीं रहे और अभी भी ये फैलाए पड़े हैं.
अब एक और बात सुनो. ये जो कह रहे हैं कि चाइनीज झालर न इस्तेमाल करने से चीन की खटिया खड़ी हो जाएगी. इकॉनमी बैठ जाएगी. उनको बताओ कि चीन भारत को जो प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करता है, उसका परसेंटेज 2.2 है. इसके अलावा वो पूरी दुनिया को सामान भेजता है. और भारत में सबसे ज्यादा चीन से सामान इंपोर्ट होता है. जित्ता भी इलेक्ट्रॉनिक सामान अपने आस-पास देख रहे हो उसके अंदर दो-चार पार्ट चीन का जरूर निकलेगा. तो उनकी इकॉनमी का पता नहीं. लेकिन यहां का काम चलना मुश्किल हो जाएगा. इसलिए भैया जोश में होश का बंडल बनाकर तालाब में न फेंकने से कोई फायदा नहीं. चीन को सबक सिखाने के और रास्ते तलाशने चाहिए. ये भी पढ़ें: दुनिया खत्म हो, उससे पहले इन भारतीयों को नोबेल प्राइज जरूर मिले










