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कन्याकुमारी के विवेकानंद रॉक मेमोरियल पर पीएम मोदी की 45 घंटे की ध्यान साधना शुरु

Lok Sabha Election के आखिरी चरण का प्रचार खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi तमिलनाडु के कन्याकुमारी पहुंच चुके है. जहां विवेकानंद रॉक मंडपम में उनका 45 घंटे का ध्यान शुरु हो चुका है. वे 1 जून तक ध्यान में रहेंगे.

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कन्याकुमारी में पीएम मोदी की 45 घंटे की ध्यान साधना शुरु हो गई है.

लोकसभा चुनाव के अंतिम फेज का चुनाव खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) तमिलनाडु के कन्याकुमारी पहुंचे.  जहां विवेकानंद रॉक मंडपम में उनका 45 घंटे का ध्यान शुरु हो चुका है (PM Modi meditation at Vivekananda Rock Memorial). वे 1 जून तक ध्यान में रहेंगे.

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30  मई की शाम पीएम कन्याकुमारी पहुंचे. और यहां सबसे पहले भगवति अम्मन देवी मंदिर गए और पूजा अर्चना की. पूजा के दौरान पीएम ने सफेद मुंडु (दक्षिण भारत में लुंगी की तरह पहना जाने वाला परिधान) पहना था.  पुजारियों ने उन्हें विशेष आरती कराई और प्रसाद, शॉल और देवी भगवती अम्मन की फ्रेम में मढ़ी हुई तस्वीर दी.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भगवती अम्मन मंदिर में पूजा करने के बाद पीएम मोदी शाम 6 बजकर 45 मिनट पर ध्यान अवस्था में बैठे. अब वे अगले 45 घंटे तक ध्यान अवस्था में रहेंगे. इन 45 घंटों में वे केवल नारियल पानी, अंगूर का रस और दूसरे तरल पदार्थ लेंगे.

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पीएम मोदी अपना ध्यान सत्र पूरा करने के बाद विवेकानंद रॉक मेमोरियल के पास तमिल संत तिरुवल्लुर की 33 फीट ऊंची प्रतिमा भी देखने जाएंगे. आध्यात्मिक दौरा होने की वजह से भाजपा नेताओं को उनकी आगवानी करने या उनके साथ जाने की अनुमति नहीं मिली.

ये भी पढ़ें -  पीएम मोदी ने ध्यान लगाने के लिए विवेकानंद रॉक मेमोरियल को ही क्यों चुना?

प्रधानमंत्री की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कन्याकुमारी में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है. पूरे कन्याकुमारी में 2 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा सिक्योरिटी के लिए तमिलनाडु पुलिस का कोस्टल सिक्योरिटी ग्रुप, कोस्ट गार्ड और नेवी भी तैनात है.

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जिस ध्यान मंडपम में प्रधानमंत्री मोदी ध्यान कर रहे हैं,   साल 1892 में इसी स्थान पर स्वामी विवेकानंद ने भी ध्यान किया था. साल 1892 के दिसंबर में 24, 25 और 26 तारीख़ को स्वामी विवेकानंद यहां आए थे. ध्यान और ज्ञान प्राप्ति के लिए. उनके शिष्यों का मानना ​​है कि चार सालों तक भारत के कोने-कोने में घूमने के बाद विवेकानंद को अंततः कन्याकुमारी में अपना दर्शन मिला. उन्होंने वहां तीन दिन और तीन रात ध्यान किया और ज्ञान प्राप्त किया. इसी को चिह्नित करने के लिए 1963 में स्वामी विवेकानंद की जन्म शताब्दी पर RSS कार्यकर्ता एकनाथ रानाडे के नेतृत्व में विवेकानंद रॉक मेमोरियल कमेटी ने ये मेमोरियल बनवाया था. चट्टान पर स्मारक का औपचारिक उद्घाटन 1970 में राष्ट्रपति वीवी गिरि ने किया था.

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