पश्चिम बंगाल में बीजेपी और तृणमूल के बीच का झगड़ा नए स्तर पर पहुंच चुका है. आसनसोल में पेट्रोल पंपों पर लगे पीएम मोदी के पोस्टर उतारे जा रहे हैं. इन पोस्टरों में मोदी जन-धन योजना एवं नोटबंदी के लाभ गिना रहे थे. तृणमूल कांग्रेस. ममता बनर्जी की पार्टी. पश्चिम बंगाल में सत्ता में है. बीजेपी केंद्र में. एक समय वाजपेयी सरकार में सहयोगी रही तृणमूल कांग्रेस फिलवक्त खुल्ले में विरोध कर रही है. नोटबंदी के फैसले के बाद ममता बनर्जी ने दिल्ली आकर विरोध जताया था.

बुधवार का दिन. हमलों और प्रदर्शनों के नाम रहा. रोजवैली स्कैम में टीएमसी के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय की गिरफ्तारी के बाद बुधवार को TMC कार्यकर्ताओं ने जमकर बवाल काटा. दिल्ली, कोलकाता समेत पश्चिम बंगाल के कई शहरों में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया. कोलकाता में बीजेपी दफ्तर पर भी हमला किया गया जबकि आसनसोल से बीजेपी सांसद बाबुल सुप्रियो के घर में घुसने की कोशिश की गई. बीजेपी ने राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग की है. इन झगड़ों के बीच, आसनसोल के 16 पेट्रोल पंपों से पीएम मोदी के पोस्टर उतारे जाने की खबर आई है. इस कार्रवाई को बीजेपी घटिया राजनीति बता रही है. वहीं AMC ने इसे पेट्रोल पंपों की गलती बताई है. Asansol Municipal Corporation (AMC) में टीएमसी का जोर ज्यादा रहता है. पिछले साल 23 दिसंबर को AMC ने 40 पेट्रोल पंपों को नोटिस भेजकर इन पोस्टरों पर टैक्स भरने को कहा था. पेट्रोल पंपों की तरफ से कोई जवाब नहीं आया. आसनसोल से बीजेपी सांसद बाबुल सुप्रियो कहते हैं, ‘हर कोई ममता सरकार को खुश करने में लगा है.’

AMC के कृष्णा घोष ने कहा, ‘हमने कई बार पेट्रोल पंपों को इस बाबत नोटिस भेजा. मगर उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया. इसलिए ये कार्रवाई करनी पड़ी.' वैसे ये पहली बार है कि AMC ऐसे पोस्टरों पर टैक्स की मांग कर रही हो. AMC इसे गैर-राजनीतिक कह रही है मगर तृणमूल के फिलहाल के बीजेपी-विरोध को देखें तो ये कतई राजनीति से अलग नहीं लगता. इस घटना ने विवादों की नई पिच तैयार कर दी है, जिसपर राजनीति की लंबी पारियां खेले जाने के आसार बढ़ गए हैं.