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PM मोदी बता गए जातिवाद और परिवारवाद खत्म करने का 'फॉर्मूला', बोले- 1 लाख युवा...

PM Modi Independence Day Speech: PM मोदी ने कहा- नए मिशन के तहत हम जल्द से जल्द देश में, राजनीतिक जीवन में जनप्रतिनिधि के रूप में एक लाख ऐसे नौजवानों को आगे लाना चाहते हैं जिनके परिवार में किसी का भी कोई राजनीतिक बैकग्राउंड ना हो.

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लाल किले से PM मोदी का संबोधन (फोटो- Narendra Modi/यूट्यूब)

78वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए PM मोदी (PM Modi Independence Day Speech) ने जातिवाद और परिवारवाद को लेकर भी कुछ बातें कहीं. PM मोदी ने नए मिशन के तहत इस समस्या को खत्म करने की बात कही है. PM ने बताया कि वो ऐसे नौजवानों को आगे लाना चाहते हैं जिनका कोई राजनीतिक बैकग्राउंड ना हो. PM चाहते हैं कि आने वाले समय में ऐसे एक लाख लोग देश का प्रतिनिधित्व करें.

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15 अगस्त को PM मोदी ने अपने भाषण में कहा,

परिवारवाद और जातिवाद से भारत के लोकतंत्र को बहुत नुकसान कर रहा है. देश की राजनीति को हमें इससे मुक्ति दिलानी होगी. नए मिशन के तहत हम जल्द से जल्द देश में, राजनीतिक जीवन में जनप्रतिनिधि के रूप में एक लाख ऐसे नौजवानों को आगे लाना चाहते हैं जिनके परिवार में किसी का भी कोई राजनीतिक बैकग्राउंड ना हो. जिसके माता-पिता, भाई-बहन, चाचा-मामा कभी राजनीति में ना रहे हों. किसी भी पीढ़ी में ना रहे हों. ऐसे होनहार नौजवानों को आगे लाया जाएगा. ये फ्रेश ब्लड होगा.

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उन्होंने आगे कहा,

वो एक लाख नौजवान चाहे वो पंचायत में आएं. चाहे नगरपालिका में आएं. चाहे जिला परिषदों में आएं. चाहे विधानसभा-लोकसभा में आएं. बस उनका कोई भी पहले का राजनीतिक इतिहास ना हो. ऐसे फ्रेश लोग राजनीति में आएं. ताकि जातिवाद से मुक्ति मिले और लोकतंत्र को समृद्धि मिले. ये भी जरूरी नहीं कि वो एक ही दल में जाएं. उनको जो दल पसंद हो उस दल में जाएं. और जन  प्रतिनिधि बनकर आगे आएं.

स्पीच में PM मोदी ने यूनिफॉर्म सिविल कोड पर भी बात की. बोले, 

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देश का बहुत बड़ा वर्ग मानता है और उसमें सच्चाई भी है कि जिस सिविल कोड को लेकर हम जी रहे हैं, वो कम्युनल सिविल कोड है. भेदभाव करने वाला सिविल कोड है. संविधान बनाने वालों का सपना पूरा करना हम सब की जिम्मेदारी है. मैं मानता हूं कि इस गंभीर विषय पर देश में चर्चा हो. हर कोई अपने विचार लेकर आए. जो कानून धर्म के आधार पर देश को बांटते हैं और ऊंच-नीच का कारण बन जाते हैं, ऐसे कानूनों का आधुनिक समाज में कोई काम नहीं. समय की मांग है कि देश में सेक्युलर सिविल कोड हो.

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इसके अलावा PM ने Bangladesh, UCC, One Nation One Election और Olympics 2036 के मुद्दों पर भी बात की. इस साल के समारोह का थीम है- ViksitBharat@2047. लगभग 6,000 विशेष अतिथियों को समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था.

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