बाहर से लाएंगे, बसाएंगे. हम सोते रहेंगे? हम इसका मुकाबला करेंगे. 370 को कैसे खत्म करोगे? अल्लाह की कसम कहता हूं, अल्लाह को यही मंजूर होगा. हम इनसे आज़ाद हो जाएं. करें, हम भी देखते हैं. देखता हूं फिर कौन इनका झंडा खड़ा करने के लिए तैयार होगा.
फारूख और उमर अब्दुल्ला के साथ महबूबा मुफ्ती की लगातार बयानबाजी के बाद दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका डाली गई है. जिसमें मांग की गई है कि इन तीनों को चुनाव लड़ने से रोक दिया जाए. याचिकाकर्ता का कहना है:
इन नेताओं ने कई बार देशविरोधी बयान दिए हैं. इनके देशद्रोही और सांप्रदायिक बयान भारतीय संविधान के खिलाफ हैं. हाईकोर्ट और निर्वाचन आयोग को चाहिए कि इन्हें लोकसभा में प्रवेश करने से रोका जाए.याचिकाकर्ता ने तीनों नेताओं के चुनाव लड़ने से रोकने के साथ इनकी पार्टी पर भी बैन लगाने की मांग की है. दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल होने के बाद मीडिया में खबर आई. धारा 370 को लेकर महबूबा मुफ्ती पहले से ही भड़की हुई थी. इस खबर ने आग में घी डालने का काम किया. उन्होंने एक चैनल की खबर को ट्वीट करते हुए लिखा:
अदालत में समय क्यों गंवाया जा रहा है. धारा 370 को समाप्त करने के लिए बीजेपी का इंतजार कीजिए. इसके समाप्त होते ही यह हमें चुनावों में भाग लेने से रोक देंगे. न समझोगे तो मिट जाओगे ए हिंदोस्तान वालो. तुम्हारी दास्तां तक न होगी दास्तानों में.वकील संजीव कुमार की याचिका पर अब 10 अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हो सकती है. वैसे उमर अब्दुल्ला की एक और बात याद आ गई, वो 370 के खिलाफ तो बयान देते ही हैं हाल ही में उन्होंने रैली की दौरान जम्मू कश्मीर के लिए अलग प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की भी मांग कर चुके हैं.
महबूबा मुफ्ती का भड़काऊ ट्वीट.













