पेपरफ्राई (Pepperfry) के को-फाउंडर और CEO अंबरीश मूर्ति का कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया. वे 51 साल के थे. अंबरीश मूर्ति लेह की यात्रा पर थे. पेपरफ्राई के ही दूसरे को-फाउंडर आशीष शाह ने ट्विटर पर जानकारी दी कि 7 अगस्त की रात अंबरीश मूर्ति की मौत हो गई.
पेपरफ्राई के CEO अंबरीश मूर्ति की कार्डियक अरेस्ट से मौत, एक दिन पहले लेह से राइडिंग की पोस्ट की थी
अंबरीश मूर्ति ने मौत से एक दिन पहले इंस्टाग्राम पर एक वीडियो डाला था. लोग उनके आखिरी पोस्ट पर कई तरह के कॉमेंट्स कर रहे हैं.


आशीष शाह ने ट्वीट किया,
"ये बताते हुए बहुत दु:ख हो रहा है कि मेरे दोस्त, मेन्टॉर, भाई, सोलमेट अंबरीश मूर्ति नहीं रहे. कल रात (7 अगस्त को) लेह में कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हो गया. कृपया उनके लिए और उनके परिवार व प्रियजनों के लिए प्रार्थना करें."
अंबरीश मूर्ति ने अपनी मौत से एक दिन पहले 6 अगस्त को इंस्टाग्राम पोस्ट में मनाली-लेह हाइवे के बीच के रास्ते की तुलना स्वर्ग के सड़क से की थी. इस दौरान उन्होंने अपनी बाइक के कई गियर खराब होने की भी जानकारी दी थी. बाइक में आई खराबी के बारे में बताते हुए उन्होंने बताया था कि मनाली-लेह हाइवे पर उनकी बाइक का सिर्फ गियर 1 और 2 ही काम कर रहा था. बाइक में आई खराबी पर उन्होंने कहा था कि भगवान ने उन्हें 'फरिश्ते' के तौर पर स्वीकार नहीं किया. उन्होंने सड़क के किनारे शूट किए गए इंस्टाग्राम वीडियो की शुरुआत में उस खूबसूरत रास्ते को दिखाते हुए कहा था,
“अगर भगवान ने कभी बाइकर्स के लिए स्वर्ग बनाया, तो स्वर्ग की सभी सड़कें ऐसी दिखेंगी- सपाट, काली पक्की सड़क...ये मनाली-लेह हाइवे के बीच का रास्ता है.”
उन्होंने आगे कहा,
“इस रास्ते पर भगवान फरिश्तों को पार्टी करने का मौका देते हैं. (यहां) फरिश्तों जैसे बाइकर्स पार्टी कर सकते हैं, पिकनिक मना सकते हैं. मैंने आज वो फरिश्ता बनने की कोशिश की, लेकिन भगवान का मेरे लिए कुछ और ही प्लान था. भगवान ने मुझे एक फरिश्ते के तौर पर अपनाने से इनकार कर दिया."
उन्होंने बीच रास्ते बाइक में आई समस्या के बारे में बताना जारी रखते हुए कहा था,
“मेरे सामने गियर से जुड़ी दिक्कतें आने लगीं. मैं अपनी बाइक का तीसरा, चौथा और पांचवां गियर इस्तेमाल नहीं कर पाया. इसलिए मैं गियर 1 और 2 से मोटरसाइकिल चला रहा था. मैंने इसे ठीक करने की कोशिश की, लेकिन फिर मैंने वो किया, जो शायद आइंस्टाइन करते. मैंने एक बड़ा पत्थर उठाया और उससे अपने गियर पेडल पर मारा और उसके बाद सब कुछ ठीक हो गया.''
अंबरीश मूर्ति को बाइकिंग और ट्रैकिंग काफी पसंद थी. अंबरीश मूर्ति के इस आखिरी पोस्ट पर इंस्टाग्राम यूजर्स कई तरह के कॉमेंट्स कर रहे हैं.
एक यूजर ने लिखा,
"हम वास्तव में नहीं जानते कि हमारी आखिरी राइड कौन सी होगी. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे."
दूसरे यूजर ने लिखा,
ऊंचाई वाली जगहों पर मौत का खतरा"भगवान ने वापस लौटने का संकेत दिया था...ओम शांति!!!"
अंबरीश मूर्ति के निधन से जुड़ी मेडिकल रिपोर्ट की अब तक पूरी जानकारी नहीं है. सिर्फ इतना बताया गया है कि उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई. बता दें कि ऊंचाई वाली जगहों पर एल्टीट्यूट सिकनेस का खतरा होता है. उत्तराखंड में कपूर हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) ने लल्लनटॉप के शो 'सेहत' में एल्टीट्यूट सिकनेस की जानकारी दी थी. उनके मुताबिक ज्यादा ऊंचाई वाली जगहों पर अक्सर कुछ लोगों को शारीरिक परेशानियां होती हैं. इसकी वजह ये होती है कि पहाड़ों जैसी ऊंची जगहों पर ऑक्सीजन का दबाव कम होता है.
एल्टीट्यूट सिकनेस के लक्षण- सिर दर्द
- चक्कर
- उल्टी
- पेट में दर्द
-सांस फूलना
- ज्यादा तबीयत बिगड़ने पर मरीज को रेस्पिरेटरी फेलियर हो सकता है
- कार्डियक फेलियर हो सकता है, जिससे जान भी जा सकती है
डॉक्टर के मुताबिक एल्टीट्यूट सिकनेस की दिक्कतें किसी को भी हो सकती हैं. हालांकि कुछ लोगों को ज्यादा रिस्क होता है. खासकर, जिन्हें पहले से दिल या सांस से जुड़ी कोई बीमारी हो. ऐसे में सलाह दी जाती है कि अगर आप किसी बहुत ऊंचाई वाली जगह पर जाने का प्लान कर रहे हों, अपना हेल्थ चेकअप जरूर कराएं. अगर पहले से कोई बीमारी है, तो ज्यादा सावधानी बरतें, डॉक्टर की सलाह लें. एकदम से ज्यादा ऊंचाई वाली जगह पर ना जाएं, अगर जाएं तो अपने सफर को 2-3 हिस्सों में बांट लें. बीच-बीच में रेस्ट करने की कोशिश करें. सफर के दौरान तबीयत खराब लगें, तो सफर रोकें, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.
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