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कथावाचक प्रदीप मिश्रा पर अब ताप्ती के अपमान का आरोप, साधु-संत माफी की मांग कर रहे

Pandit Pradeep Mishra पर आरोप है कि उन्होंने ताप्ती नदी का अपमान किया है. इसे लेकर मुलताई के ताप्ती मंदिर के मुख्य पुजारी सौरभ जोशी ने प्रदीप से माफ़ी मांगने को कहा है.

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पंडित मिश्रा से माफ़ी की मांग हो रही है. (फ़ोटो - इंडिया टुडे)

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीहोर के रहने वाले कथावचक प्रदीप मिश्रा फिर विवादों में हैं. इस बार ताप्ती नदी पर दिए बयान को लेकर (Pandit Pradeep Mishra Tapti River Controversy). प्रदीप मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने ताप्ती नदी का अपमान किया है. इसे लेकर मुलताई के ताप्ती मंदिर के मुख्य पुजारी सौरभ जोशी ने प्रदीप से माफ़ीं मांगने को कहा है. उनका कहना है कि प्रदीप मिश्रा मुल्ताई आकर मां ताप्ती से माफ़ी मांगें. बीते दिनों प्रदीप मिश्रा राधारानी के अपमान का आरोप लगा था. इसके बाद उन्होंने बरसाना पहुंचकर दंडवत होकर माफ़ी मांगी थी (Pandit Pradeep Mishra Radharani Barsana Controversy) .

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ताप्ती मंदिर के मुख्य पुजारी सौरभ जोशी ने वीडियो के ज़रिए इसकी जानकारी दी. वीडियो में सौरभ ने कहा,

"प्रदीप मिश्रा ने कथा के दौरान ताप्ती और यमुना नदी का अपमान किया. उन्होंने कहा था कि ताप्ती महारानी भगवान कृष्ण पर मोहित हो गई थीं. इससे यमुना ने उन्हें श्राप दिया था. जबकि इस बात का किसी भी शास्त्र में कोई उल्लेख नहीं है."

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दरअसल सोशल मीडिया पर प्रदीप मिश्रा का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें प्रदीप मिश्रा कहते सुनाई दे रहे हैं,

"यमुना और ताप्ती, इन दोनों बहनों की कभी नहीं बनी. यमुना जी का नियम था कि जिस समय भगवान कृष्ण रास करेंगे, उस समय यमुना ठाकुर जी के शरीर पर लगे पसीने को पोछने जाएगी. लेकिन आज ताप्ती नदी यमुना का रूप लेकर चली गई और ठाकुर जी के पसीने को पोछ दिया. तब यमुना ने इसे आकर देखा. छोटी बहन को देखकर यमुना जी को गुस्सा आया. पूछने पर ताप्ती ने कहा कि मैं कृष्ण जी को अपना बनाना चाहती हूं. ये जानकर यमुना जी ने ताप्ती को श्राप दे दिया. श्राप कि किसी भी नदी में अस्थियां विसर्जित होंगी, तो उनको गलने में 44 दिन लगेंगे. लेकिन तेरे जल में वो तुरंत समाप्त हो जाएंगी. आज भी जब ताप्ती नदी में अस्थियों को डाला जाता है, तो वो डेढ़ घंटे के अंदर जलकर राख हो जाती है और पानी में बह जाती है."

इसी को लेकर अब विवाद हो रहा है. ताप्ती मंदिर के पुजारी सौरभ जोशी ने इस पर कहा है,

"ये मां ताप्ती की महिमा का रूप है. मां ताप्ती का अपमान करने पर हम दुखी हैं. हम मांग करते हैं कि प्रदीप मिश्रा जी को मां ताप्ती से माफ़ी मांगनी चाहिए. उन्हें इस अपमान के बदले क्षमा याचना करना चाहिए."

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक़, मां सूर्यपुत्री ताप्ती जागृति समिति मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष रामकिशोर पंवार ने भी प्रदीप मिश्रा से उनकी बातों के आधार पूछे हैं. रामकिशोर का कहना है कि पंडित प्रदीप मिश्रा सिद्ध करें कि ताप्ती नदी शापित है. इस बात के आधार क्या हैं? उनके पास इसके क्या प्रमाण हैं? ताप्ती नदी में यमुना के श्राप के चलते अस्थियां नहीं गलतीं. बल्कि ताप्ती की शक्तियों के कारण मृत व्यक्तियों को मोक्ष प्राप्त होता है.

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बरसाना में दंडवत होकर माफी

बीते दिनों प्रदीप मिश्रा का एक और वीडियो वायरल हुआ था. इसमें वो कह रहे थे कि राधारानी का विवाह भगवान श्रीकृष्ण के साथ नहीं, बल्कि मथुरा के छाता कस्बा निवासी अनय घोष के साथ हुआ था. बरसाना राधारानी का गांव नहीं है. बरसाना में तो राधा जी के पिता की कचहरी थी, जहां वो साल में एक बार आती थीं. उनके इस बयान पर ख़ूब विवाद हुआ. बयान से ब्रज के साधु संतों और ब्रजवासियों में आक्रोश फैला. साधु-संतों ने प्रदीप को चेतावनी दी कि अगर वो राधारानी पर की गई टिप्पणी के बारे में माफी नहीं मांगते, तो बड़ा आंदोलन होगा. इसके बाद प्रदीप मिश्रा ने बरसाना पहुंचकर माफी मांगी. उन्होंने दंडवत होकर माफ़ी मांगी और कहा कि मेरे शब्दों से किसी को तकलीफ पहुंची हो तो मैं क्षमा चाहता हूं.

वीडियो: कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने राधा-रानी पर कुछ ऐसा बोला कि बरसाना जाकर नाक रगड़नी पड़ी

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