The Lallantop

फवाद खान को ऑफर हुई है एक हिंदुस्तानी फिल्म, बैन गया तेल लेने!

महेश भट्‌ट भी फिल्म से जुड़े बताए जाते हैं.

Advertisement
post-main-image
फवाद खान.
नाना पाटेकर, अक्षय कुमार, अजय देवगन और दर्जनों अन्य फिल्मी सितारों ने कलाकार का मानवता वाला धर्म छोड़कर वो झंडा थामा हुआ है जहां से सीमाओं में बंटी धरती और सिवा उन्माद के कुछ नहीं दिखता. उन्हें लोकप्रियता चाहिए थी और मिल गई. पाकिस्तानी कलाकारों की पिटाई के फरमान ऐसी ही मानसिकता वाले मुंबई के राजनीतिक दल ने जारी किए और इन स्टार्स ने एक शब्द नहीं बोला. निर्माताओं की संस्था ने सरकार से नंबर पाने के लिए बैन भी ठोक दिया. ऐसे लोगों को ये वीडियो देखना चाहिए जिसमें युद्ध को glorify करने वाले लोगों के लिए सीमावर्ती इलाके के लोगों का संदेश है. https://www.youtube.com/watch?v=zDnvWUixTeI ख़ैर, दूसरी ओर कुछ सुलझे हुए रचनात्मक लोग हैं जो लगातार शांति और मुल्कों के आपसी रिश्तों को बेहतर करने की बातें कह रहे हैं. ओम पुरी ने ऐसा कहा. उन्हें ज़लील किया गया. करण जौहर ने कहा, उन्हें गालियां मिली. लेकिन इन घटनाओं ने भी समझदार लोगों को सही बात बोलने और सही करने से रोका नहीं है. कुछ ऐसे ही लोग एक इंडो-पाक फिल्म का निर्माण करने जा रहे हैं. ये दो म्यूजिशियंस की कहानी है जो दोनों मुल्कों के टूर पर निकले हैं और इसी दौरान जिंदगी और अपने आप को नए सिरे से खोजते हैं. फिल्म का नाम 'ये रास्ते हैं प्यार के' बताया जाता है. खास बात ये है कि पाकिस्तानी एक्टर फवाद खान को इसमें लीड रोल ऑफर किया गया है. उन्हीं फवाद को जिनके कारण बीते दिनों काफी आक्रामक चर्चाएं हो चुकी हैं और कलाकार समुदाय दोफाड़ हो चुका है. खबर है कि फवाद ने इसकी स्क्रिप्ट पढ़ ली है. अभी उन्होंने औपचारिक रूप से हां नहीं की है क्योंकि माहौल ठीक नहीं है. लेकिन जैसे ही स्थितियां सही होती हैं, वे सं‌भवत: हां कर देंगे. अभी के लिए उन्हें स्क्रिप्ट काफी पसंद आई है.
रचनात्मक सलाहकार के तौर पर महेश भट्‌ट भी फिल्म से जुड़े बताए गए हैं.
फिल्म के डायरेक्टर हैं हर्ष नारायण जो पहले भी भारत-पाकिस्तान रिश्तों की बेहतरी के लिए काम करते रहे हैं. उनके अनुरोध पर पाकिस्तानी गायिका फरीदा ख़ानम और उस्ताद नसीरुद्दीन सानी ने भारत में परफॉर्म किया. एक इंटरव्यू में हर्ष ने कहा है कि प्यार, शांति और मानवता की बात करने वाली इस फिल्म को बनाने का इससे बेहतर समय नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि सादत हसन मंटो ने अपनी आइकॉनिक कहानी 'टोबा टेक सिंह' भी 1947 के बंटवारे के दौरान बद्तर हालातों में ही लिखी थी. एक रिपोर्ट में पाकिस्तान के पूर्व-विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी के हवाले से इस फिल्म की तारीफ की गई है. यहां कसूरी ने कहा, " जिन पाकिस्तानी और भारतीय लोगों ने हर्ष नारायण को इतने बरसों में मेहनत करते देखा है वे उनकी तारीफ करते हैं. मुझे लगता है ये फिल्म दोनों देशों के बीच तनाव कम करने में मदद करेगी." Also Read : अब इस एक्ट्रेस को पाकिस्तान का रास्ता दिखा दिया गया फ़वाद ने चुप्पी तोड़ी और दोनों तरफ बहुतों की बोलती बंद कर दी, अमन जिंदाबाद! इंडिया से लौटते ही फवाद खान को मिली सबसे बड़ी खुशी क्या फवाद खान ने सच में कहा, इंडियंस का दिल छोटा होता है? पाकिस्तानी एक्टर्स को निकालने पर सबसे अच्छा जवाब वरुण धवन ने दिया है करण-शाहरुख कॉफी पिएंगे और सोचेंगे अपनी 3 बड़ी फिल्में MNS से कैसे बचाएं इंडिया में काम करने पर किया था कमेंट, पाक एक्ट्रेस माहिरा ने धो डाला इन तस्वीरों में जानिए फवाद खान की पूरी लव स्टोरी

Advertisement
Advertisement