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तालिबान से जंग के बीच पाकिस्तान में ड्रोन पर बैन

Pakistan Bans Drones: मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर ने एक नोटिफिकेशन जारी करके पूरे देश में सभी कमर्शियल और प्राइवेट ड्रोन्स पर रोक लगा दी है. इससे पहले, Afghanistan के रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि ड्रोन हमलों में पाकिस्तान के कई मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया गया है.

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पाकिस्तान ने युद्ध शुरू होने का बाद से ही ड्रोन उड़ानों पर रोक लगा दी है (PHOTO-X)

पाकिस्तान और तालिबान शासित अफगानिस्तान की बीच तनाव जारी है. एक तरफ पाकिस्तानी एयरफोर्स अफगानी शहरों पर हवाई हमले कर रहा है. दूसरी तरफ तालिबान के पास पाकिस्तान की टक्कर की हवाई ताकत नहीं है. लिहाजा वो हवाई हमलों का जवाब ड्रोन हमलों से दे रहा है. इस खतरे को देखते हुए पाकिस्तान ने बाहर ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी लगा दी है.

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तालिबान लगातार पाकिस्तानी ठिकानों पर ड्रोन्स भेज रहा है. इन्हें रोकना भी मुश्किल होता है. इसलिए पाकिस्तान ने अपने देश में ड्रोन्स पर बैन लगा दिया है, ताकि पाकिस्तानी और अफगानी ड्रोन के बीच कंफ्यूजन ना रहे और खतरा दिखने पर ड्रोन को मार गिराया जा सके.

पाकिस्तानी चैनल जियो न्यूज के मुताबिक, मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर ने एक नोटिफिकेशन जारी कर पूरे देश में सभी कमर्शियल और प्राइवेट ड्रोन पर रोक लगा दी है. हालांकि, पाकिस्तान के कुछ प्रांतों ने पहले ही ड्रोन पर पाबंदी लगा दी थी.

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डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब सरकार ने अपने आदेश में केवल हॉल या शामियाने जैसी इनडोर एक्टिविटीज की कवरेज के लिए छोटे ड्रोन के इस्तेमाल और इंटेलिजेंस और लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों (LEAs) द्वारा ड्रोन के इस्तेमाल को छूट दी थी.

इससे पहले, अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि ड्रोन हमलों में पाकिस्तान के कई मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया गया है. अफगान रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि देश की एयरफोर्स ने 27 फरवरी की सुबह पाकिस्तान के अंदर कई मिलिट्री ठिकानों पर हमले किए.

अधिकारियों ने बताया कि एयरस्ट्राइक का मकसद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में फैजाबाद के पास एक मिलिट्री कैंप, नौशेरा में एक मिलिट्री हेडक्वार्टर, जमरूद मिलिट्री टाउनशिप और एबटाबाद को निशाना बनाना था.

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अफगान अधिकारियों के मुताबिक, ऑपरेशन को कामयाबी से अंजाम दिया गया, जिसमें पाकिस्तानी सेना के जरूरी बेस, सेंटर और जगहों को निशाना बनाया गया. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ये हमले पाकिस्तानी सेना की हवाई घुसपैठ का बदला लेने के लिए किए गए थे. अफगानिस्तान के आर्मी चीफ फसीहुद्दीन फितरत ने कहा, 

हम अफगानिस्तान के मुस्लिम लोगों को भरोसा दिलाते हैं कि हम किसी भी हमले का जवाब दिए बिना नहीं छोड़ेंगे; हम उंगली का जवाब मुट्ठी से देंगे.

फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. कई देशों ने दोनो पक्षों से शांति की अपील की है. वहीं अफगानिस्तान की सरकार ने भी 27 फरवरी को कहा कि वह पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ चल रही खतरनाक लड़ाई के बाद अपने झगड़े को सुलझाने के लिए बातचीत करना चाहती है.

वीडियो: अफगानिस्तान और पाकिस्तान में बढ़ा संघर्ष, कई शहरों पर हुई एयर स्ट्राइक

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