गद्दाफ़ी स्टेडियम. लाहौर.
2009.सीरीज़ का दूसरा टेस्ट और तीसरा दिन. श्री लंका की टीम नाश्ता करके होटल से निकल कर बस में सवार स्टेडियम की ओर चल पड़ी थी. इंडिया में ठण्ड का मौसम अपनी ढलान पर था और बारहवीं के बोर्ड्स का मौसम उफान पर. ISC वालों का उस दिन हिंदी का इम्तिहान था. लेकिन जूझ श्री लंका की टीम रही थी. लिबर्टी चौक पर 12 आतंकी खड़े थे. श्री लंका की टीम बस के इंतज़ार में. पाकिस्तान सेना की एक टुकड़ी इस बस की सिक्योरिटी में तैनात थी. उन्होंने रिटर्न फ़ायर दिया. बस के ड्राइवर ने बिना डरे बस चालू रखी और उसे चलाते ले गए. ड्राइवर का नाम मेहर मोहम्मद ख़ालिद. बस पर एक रॉकेट भी दागा गया मगर निशान चूक गया. बस के नीचे एक ग्रेनेड फेंका गया मगर चूंकि जांबाज़ मोहम्मद ख़ालिद बस को चलाते हुए ले जा रहे थे इसलिए जब तक ग्रेनेड फटता, बस गुज़र चुकी थी. बगल में एक मिनीवैन भी चल रही थी जिसमें मैच अम्पायर्स बैठे हुए थे. पाकिस्तानी अम्पायर अहसान रज़ा को गोली लगी और और जाने माने मैच रेफ़री और स्टुअर्ट ब्रॉड के पिता क्रिस ब्रॉड ने खुद को गोली खाए अहसान के ऊपर लाद दिया और उनके खून बहने वाली जगह को कसकर बंद कर दिया जिससे ज़्यादा खून न बहे. इस मिनीवैन के ड्राइवर की इस अटैक में मौत हो गई थी. श्री लंकाई प्लेयर्स में संगक्कारा, चमिंडा वास, अजंता मेंडिस जयवर्धने समेत 7 लोगों को चोटें आई थीं.
इस हमले के बाद पकिस्तान में किसी भी तरह का इंटरनेशनल क्रिकेट बंद हो गया था. साल 2015 के आस पास बांग्लादेश ने पाकिस्तान आने की हामी भरी लेकिन आईसीसी ने कह दिया कि वो किसी भी मैच ऑफिशियल को नहीं भेजेगा. दोनों देशों को खेलना है तो अपना इंतज़ाम करे. बाद में 19 से 31 मई 2015 के बीच ज़िम्बॉब्वे की टीम ने पाकिस्तान का दौरा किया और 3 वन-डे मैच खेले. तीनों इसी गद्दाफ़ी स्टेडियम में.
2017.
पाकिस्तान की उसी ज़मीन पर जहां 8 साल पहले श्री लंका के प्लेयर्स और सपोर्ट स्टाफ़ को उठाने के लिए एक हेलीकॉप्टर उतारा गया था और हमें वो तस्वीरें देखने को मिली थीं जो शायद पिछले दिन तक एक ख्वाब भी न होतीं, श्री लंका की टीम क्रिकेट खेलने के लिए उतर रही थी. पकिस्तान ने जब चैंपियंस ट्रॉफी थी तो उसके पास सुनहरा मौका था अपने घर में इंटरनेशनल क्रिकेट को वापस शुरू करवाने कर और वर्ल्ड इलेवेन के ख़िलाफ़ सीरीज़ से उसकी शुरुआत हुई. लेकिन पिछले 8 सालों में पाकिस्तान में खेले जा रहे क्रिकेट के लिए सबसे बड़ी ये हुई है कि खुद श्री लंका की टीम पाक दौरे पर आई. अटैक के बाद से अबू धाबी पाकिस्तान के लिए उनका होम ग्राउन कहलाया जाने लगा. श्री लंका ने पाकिस्तान के खिलाफ़ 2 टेस्ट, 5 वन-डे और 2 टी-20 अबू धाबी, दुबई और शारजाह में खेले लेकिन तीसरे टी-20 के लिए वो लाहौर आई. उसी मैदान में. गद्दाफ़ी स्टेडियम. पिछले 8 सालों में पाकिस्तान क्रिकेट के लिए मोहम्मद आमिर की फ़िक्सिंग से वापसी के बाद हुई ये सबसे बड़ी घटना है.
इस मैच के दौरान पाकिस्तानी क्रिकेट फैन्स ने श्री लंका की टीम को खूब प्यार दिया और बाकायदे उनका वेलकम करते हुए उन्हें ढेर सारा थैंक यू कहा. स्टैंड्स में श्री लंका के झंडे देखे जा रहे थे जो असल में खुद पाकिस्तानी फैन्स लहरा रहे थे. और यहीं स्पिरिट ऑफ़ क्रिकेट की सारी परिभाषाएं लिखी जाती हैं. और यहीं क्रिकेट के खेल से प्यार करने की एक और वजह मिल जाती है.


image: ICC

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