'डॉन अखबार' ने छह अक्टूबर को पहले पन्ने पर सूत्रों के हवाले से छापा कि नवाज शरीफ ने हाई लेवल की मीटिंग बुलाई और अपनी फौज को अच्छे से समझा दिया कि देखो, जो बैन हो रखे मिलिटैंट ग्रुप हैं, उनका साथ देना बंद कर दो. नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजरी की भी क्लास ली. कहा कि पठानकोट और 26/11 अटैक की जांच जल्दी से जल्दी पूरी कर दो. क्योंकि पाकिस्तान कथित आतंकवाद के समर्थन की वजह से इंटरनेशनल लेवल पर अलग थलग पड़ रहा है. और पूरी खबर पढ़नी है तो इस लिंक पर क्लिक कर लेना.बस ये छापना हुआ पाकिस्तान सरकार और आर्मी बौखला गई. पहले तो बयान जारी हुआ कि ऐसी कोई मीटिंग नहीं हुई है. आआं ऊं करके बात टाली गई. लेकिन सोशल मीडिया पर जब ट्रेंड हुआ तो कुछ लोगों ने डॉन के साथ-साथ सरकार पर भी शक किया. उसका लिंक ये रहा पढ़ ही लेना.बाहर से धकियाए नवाज, घर में सबको गरियाएं नवाज
पाकिस्तान की अंदरूनी ख़बरें देने वाले इस पत्रकार पर पाबंदी लग गई
आर्मी और सरकार में खलबलाहट है. डॉन को कुर्बानी का बकरा बनाया जा रहा है.
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फोटो - thelallantop
'डॉन' तो गयो. यहां डॉन बॉलीवुड के शाहरुख खान या अमिताभ बच्चन नहीं. बल्कि पाकिस्तान के 'डॉन' न्यूज़पेपर की बात हो रही है. अखबार है खबर तो छापेगा ही बस चेप दी थी एक खबर अपने ख़ुफ़िया सूत्रों के हवाले से. ये सूत्र बड़े ही काम के और जंजाल वाले होते हैं. तो मियां जो खबर डॉन ने 6 अक्टूबर को चिपकाई उसमें पाकिस्तानी गवर्नमेंट की किरकिरी हो गई. या ये कहिये कि आतंक को सपोर्ट करने की पोल खोल दी थी डॉन ने. उसके बाद हुआ ये कि डॉन को देशद्रोही साबित किया जाने लगा था. ट्विटर पर ट्रेंड होने लगा था कि DawnIsaTraitor. अब डॉन को कुर्बानी का बकरा बनाया जा रहा है. ऐसा हम नहीं कह रहे डॉन खुद कह रहा है. और जिसने ये खबर लिखी थी उस पत्रकार पर तो देश से निकलने पर ही पाबंदी लगा दी गई है. ट्वीटर पर पत्रकार सायरिल अल्मिदा को देशद्रोही बताया जा रहा है. डॉन की लंका लगाने के लिए आर्मी चीफ राहिल शरीफ पहुंच गए नवाज शरीफ के घर. मीटिंग हुई. और फिर तय हुआ कि सरकार के खिलाफ खबर छापने वाले डॉन के जिम्मेदार लोगों पर सख्त से सख्त एक्शन लिया जाए. ऐसे खबर पढ़ने में मजा नहीं आ रहा होगा. पहले ये जान लो आखिर डॉन ने छापा क्या था. जिसपर नवाज शरीफ इत्ते कल्ला रहे हैं.
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