निहलानी ने ऐसा तब कहा है जब वे ख़ुद सिनेमाघर मालिकों के उस समूह के सदस्य हैं. उन्होंने कहा कि इस फैसले के पीछे असल वजह ये है कि करण जौहर की फिल्म सिंगल स्क्रीन में नहीं चलने वाली है जितनी कि मल्टीप्लेक्स मेें चलेगी. तो इस ग्रुप के लोग ऐसा फैसला लेकर अजय देवगन की फिल्म बड़े पैमाने पर लगा सकेंगे जिससे बड़ी कमाई की उम्मीद है. निहलानी ने कहा कि कोई भी थियेटर वाला अपने मुनाफे के हिसाब से कोई फैसला ले सकता है लेकिन पहले से तैयार फिल्म के खिलाफ ऐसे फैसले लेना गलत है. थियेटर मालिकों का ये फैसला महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना जैसे समूह के दवाब का नतीजा बताया जा रहा है जो लगातार धमकी दे रहे हैं. रिलीज के टाइम वे लोग तोड़-फोड़ भी कर सकते हैं. हालांकि समूह का कहना है कि देशभक्ति के चलते उन्होंने एेसा किया है. इसलिए भी कि पाकिस्तान में भी भारतीय फिल्में बैन कर दी गई हैं. इसी मामले में ये बात भी ध्यान देने लायक है कि मल्टीप्लेक्स मालिक इस बैन का हिस्सा नहीं हैं. यानी फिलहाल स्टेटस यह है कि मल्टीप्लेक्स में करण व अन्य लोगों की फिल्में रिलीज होने जा रही हैं. Also Read: रणबीर, ऐश स्टारर 'ऐ दिल है मुश्किल' की 15 बातें पता हैं? गाने और वीडियो भी देखें!उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी एक्टर को काम न देना चाहें इससे उन्हें कोई आपत्ति नहीं है लेकिन जो फिल्म (ऐ दिल है मुश्किल) पूरी हो चुकी है और जिसे सेंसर बोर्ड ने सर्टिफिकेट देकर पास कर दिया है उसे आप नहीं रोक सकते हैं.
डियर करण जौहर, पहलाज निहलानी को थैंक यू बोल लो! मौका है!
पहली बार सेंसर बोर्ड प्रमुख ने प्रशंसनीय स्टैंड लिया है.
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फिल्म ऐ दिल है मुश्किल; निर्देशक करण जौहर; सेंसर प्रमुख पहलाज निहलानी
महाराष्ट्र में सिनेमाघर मालिकों और प्रदर्शकों के समूह 'सिनेमा ओनर्स एंड एग्जिबिटर्स एसोसिएशन' ने कहा है कि वे ऐसी किसी फिल्म को प्रदर्शित नहीं करेंगे जिसमें किसी पाकिस्तानी एक्टर या टेक्नीशियन ने काम किया है. बताया जा रहा है कि चार राज्यों के ज्यादातर सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों में ऐसी कोई फिल्म रिलीज नहीं होने दी जाएगी. इसका सीधा असर करण जौहर की इस महीने के आखिर में रिलीज होने जा रही फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' पर पड़ेगा जिसमें पाकिस्तानी एक्टर फवाद खान ने एक प्रमुख रोल किया है. इसके बाद शाहरुख खान की 'रईस' लाइन में है जिसमें पाकिस्तानी एक्टर माहिरा खान ने काम किया है. Also Read: करण-शाहरुख कॉफी पिएंगे और सोचेंगे अपनी 3 बड़ी फिल्में MNS से कैसे बचाएं पहले निर्माताओं के एक समूह ने पाकिस्तानी एक्टर्स को बैन करने की घोषणा की थी. अब प्रदर्शकों ने भी ऐसा स्टैंड लिया है. लोकतांत्रिक लिहाज से ऐसे फैसलों की कोई प्रशंसा नहीं की जा सकती है. लेकिन मौजूदा हालातों में जो भी अपने मन की बात करता है उसे मीडिया तक में सूली चढ़ा दिया जा रहा है इसलिए ज्यादातर सितारे कन्नी काट रहे हैं. शुक्रवार को मुंबई के सिनेमाघर मालिकों व प्रदर्शकों ने ये फैसला लिया उसके बाद एक चैनल ने श्याम बेनेगल से उनकी राय पूछी और उन्होंने कहा कि उनकी कोई राय ही नहीं है. जाहिर है वे भी दबाव में है. क्योंकि वे भी हाल ही में आलोचना के घेरे में आए जब ऐसी खबर हुई कि वे फवाद खान को अपनी किसी फिल्म में लेने वाले हैं जिसका बाद में उन्होंने खंडन कर दिया था. उस फिल्म के निर्देशक से उनका कोई लेना-देना नहीं था. Also Read: फवाद खान को ऑफर हुई है एक हिंदुस्तानी फिल्म, बैन गया तेल लेने! खैर, ऐसे मौके पर जब बड़े-बड़े फिल्म आर्टिस्ट चुप बैठे हैं, पहलाज निहलानी ने ऐसा स्टैंड लिया है जिससे देशभक्त नाराज हो जाएंगे और हमेशा निहलानी को गालियां देने वाले खुश होंगे. सेंसर बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष निहलानी के बड़े आलोचकों में रहे हैं करण जौहर और अनुराग कश्यप. लेकिन शुक्रवार की गतिविधि में उन्होंने करण की फिल्म का पक्ष लिया. ऐसा करने वाले वे अभी अकेले आदमी हैं.
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