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25 फुट बर्फ में दबा, 6 दिन बाद जिंदा निकला जवान

सियाचिन में हुए हिमस्खलन में दब गए थे हमारे 10 जवान. 9 के शव बरामद कर लिए गए हैं.

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फोटो - thelallantop
6 दिन वो बर्फ की मोटी चादर में दबा रहा. सबको लगा सेना के बाकी जवानों की तरह वो भी मारा गया. लेकिन जिंदगी की डोर आपके या हमारे हाथ में कहां है. सियाचिन में 3 फरवरी को हुए हिमस्खलन में सेना के 10 जवान बर्फ में दब गए थे. अब उन्ही 10 जवानों में से एक लांस नायक हनमनथप्पा कोप्पड रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बर्फ की 25 फुट मोटी परत के नीचे जिंदा मिले हैं. siachen avalanche-1 हनमनथप्पा की हालत गंभीर है. अस्पताल में एडमिट कराए गए हैं. 3 फरवरी को सियाचीन में पैट्रोलिंग कर रहे 10 जवानों के बर्फ में दबकर मरने की खबर थी. सेना अब तक नौ शव बरामद कर चुकी है. हनमनथप्पा को दिल्ली के आरआर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टर्स की स्पेशल टीम देखभाल कर रही हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने भी आरआर अस्पताल जाकर हनमनथप्पा की हालत का जायजा लिया. https://twitter.com/ANI_news/status/696967039341109248 siachen avalanche-3 सेना के रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. मौसम खराब है उधर. हनमानथप्पा कर्नाटक के जिला धारवाड़ के रहने वाले हैं. बता दें कि हिमस्खलन में फंसे दस जवान मद्रास रेजीमेंट के थे. ये रेस्क्यू ऑपरेशन 20 हजार फुट की ऊंचाई पर हो रहा है. siachen avalanche-2 सियाचिन की सालतोरो चोटी में सेना के एक दिन का खर्चा थोड़ा नहीं है. पूरे पांच करोड़ रुपये खर्च होते हैं एक दिन के. लेकिन अप्रैल 1984 से सियाचिन में अब तक करीब 900 जवान मारे जा चुके हैं. 75 फीसदी मौतें यहां के मौसम और हिमस्खलन की वजह से हुई हैं. पाकिस्तान की तरफ के सियाचिन वाले हिस्से का भी हाल भी अच्छा नहीं है. उधर भी इंडिया से ज्यादा जवान मारे जाते हैं. siachen avalanche-4 इस जगह इंडियन सेना का रहना इसलिए जरूरी है, क्योंकि सियाचिन में पाकिस्तान और चीन दोनों की नजर है. इंडिया के जवान सियाचिन में रहकर पाकिस्तान और चीनी सेना के काराकोरम पास से दखल पर नजर रखते हैं. इंडिया की हिफाजत करते हैं. पर कुदरत के आगे किसकी चली है.

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