मनोज अपनी फैमिली के साथ S1 बोगी में बैठे थे. सबसे ज्यादा नुकसान ट्रेन के S1 और S2 बोगी को ही हुआ है. ट्रेन पलटने के बाद लोग उसमें बुरी तरह से फंस गए थे. मनोज और उनका पूरा परिवार बोगी में अटका पड़ा था. फिर उन्हें कुछ सूझा. उन्होंने अपनी मां की छड़ी उठाई और खिड़की के शीशे पर दे मारा. उन्होंने बड़ी समझदारी और हिम्मत दिखाई. एक घंटे की मशक्कत के बाद उन्होंने एक-एक करके अपने पूरे परिवार को उस डैमेज बोगी से बाहर निकाल लिया.मनोज का पूरा परिवार सेफ है. मनोज की मां छड़ी के सहारे चलती हैं. मनोज कहते हैं, 'मां की छड़ी ने हम सब की जान बचा ली.' मनोज की मां अबी भी सदमे में हैं. और कुछ बोल नहीं पा रही हैं. कानपुर से लोगों के लिए चलाई गई एक स्पेशल ट्रेन से पूरी फैमिली सोमवार को सुबह करीब 4 बजे पटना जंक्शन पहुंची. उधर पटना जंक्शन पर खुद डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट संजय कुमार अग्रवाल टिके हुए थे. और हादसे में पीड़ित लोगों को दिए जाने वाले राहत कार्य की निगेहबानी कर रहे थे. वहां स्टेशन पर डॉक्टर्स की एक टीम को तैनात किया गया है. घायलों का इलाज चल रहा है. और जिनकी हालत बहुत खराब है उन्हें अस्पताल रवाना किया जा रहा है.
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