ओडिशा (Odisha) में बाढ़ से हालात बिगड़ते जा रहे हैं. इसे बीते एक दशक में ओडिशा में आई सबसे भयानक बाढ़ बताया जा रहा है. भारी बारिश के चलते आए इस संकट ने ओडिशा में करीब 5 लाख लोगों को प्रभावित किया है. राज्य के अधिकारियों का कहना है कि इनमें से आधे बेघर हो गए हैं. खबरों के मुताबिक ओडिशा के 10 जिलों के तहत आने वाले 1700 से ज्यादा गांवों पर बाढ़ का बहुत बुरा असर पड़ा है. मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इन जगहों का हवाई दौरा करने की बात कही है.
ओडिशा में आई भयानक बाढ़, ये तस्वीरें दहलाकर रख देंगी!
इसे बीते एक दशक में ओडिशा में आई सबसे भयानक बाढ़ बताया जा रहा है. ये संकट गुरुवार यानी आज रात और बड़ा हो सकता है.



हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य करवा रहे स्पेशल रिलीफ कमिश्नर (SRC) प्रदीप जेना ने बताया कि सीएम पटनायक पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा जैसे जिलों का हेलिकॉप्टर से दौरा करेंगे. इन इलाकों में महानदी और उसकी सहायक नदियों ने कहर बरपाया हुआ है. प्रदीप जेना ने कहा,
“सरकार ने 60 हजार से ज्यादा लोगों के लिए फ्री किचन तैयार करवाए हैं. लोगों को पानी के पाउच दिए जा रहे हैं. शेल्टर बनाने के लिए लोगों को पर्याप्त पॉलीथीन शीट्स मुहैया कराई गई हैं. इसके अलावा प्रभावित जिलों के प्रशासन की तरफ से मवेशियों के खाने का भी इंतजाम किया जा रहा है.”
SRC ने बताया कि जगदसिंहपुर, पुरी, केंद्रपाड़ा और कटक जिलों में मिनी मिनरल वॉटर प्लांट्स भी इंस्टॉल किए गए हैं.

इस बीच कहीं-कहीं हालात में कुछ सुधार के संकेत भी मिले हैं. बताया गया है कि बुधवार देर रात हीराकुंड बांध के जरिये ज्यादा से ज्यादा बाढ़ का पानी डिस्चार्ज किए जाने के बाद स्थिति में बदलाव हुआ है. एक अधिकारी ने बताया,
“बाढ़ प्रभावित जिलों की कई बड़ी नदियों में वाटर लेवल कम हो रहा है.”

SRC जेना ने कहा कि बाढ़ के पानी की वजह से महानदी की सहायक नदियों का पानी छह जगहों पर अपना लेवल क्रॉस कर गया था. उन्होंने कहा,
"हालांकि पानी का लेवल कम होना शुरू हो गया है, लेकिन महानदी के जरिये बह रहा पानी बड़ा नुकसान पहुंचाने के लिए काफी है. इसलिए हमने NDRF, ODRAF और फायर सर्विस के कर्मियों को बाढ़ पीड़ितों को बचाने के निर्देश दिए हैं."
वहीं बचाव कार्य की बात करें तो ODRAF और फायर सर्विस के कर्मियों ने भुवनेश्वर में सुंदरपाड़ा और प्रधान साही जैसे इलाकों में फंसे कई लोगों को सुरक्षित निकाला है. इस इलाके से गुजरने वाली दया रिवर महानदी की एक सहायक है, जिसमें पानी का लेवल बाढ़ की वजह से काफी ज्यादा बढ़ गया है.
लेकिन हालात में सुधार के संकेतों के बीच अधिकारियों ने ऐसी जानकारी भी दी है जो ओडिशा के लोगों की मुश्किलें और बचाव कार्य में लगी टीमों की चुनौतियां बढ़ा सकती है. उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर और बंगाली की खाड़ी के पूर्व-मध्य इलाकों में लो प्रेशर एरिया पैदा हो गया है. इसका मतलब है कि गुरुवार को ओडिशा के और दूसरे इलाके भारी बारिश की चपेट में आ सकते हैं. इनमें भद्रक, क्योंझर और जजपुर जैसे एरिया शामिल हैं. यहां अगले एक-दो दिन भारी बारिश होने की संभावना है, जिसके चलते वैतरणी नदी में बाढ़ आने की आशंका बन गई है.
असम: बाढ़ से खेत तालाब बने, लेकिन मछलियां गायब हो गईं


















