बीजेपी से अलग होकर महागठबंधन के साथ मिलकर सरकार चला रहे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह पर निशाना साधा है. नीतीश ने कहा है कि उन्हें आरसीपी सिंह को बहुत अधिकार दिए गए थे, लेकिन उन्होंने बहुत बड़ी गड़बड़ की. 'बिहार वृक्ष सुरक्षा दिवस' के मौके पर शुक्रवार को पटना पहुंचे नीतीश ने इंडिया टुडे/आजतक से कहा,
आरसीपी सिंह पर जमकर बरसे नीतीश कुमार, कहा- 'जाइए अब सब खत्म'
आरसीपी सिंह पर आरोप है कि वो बीजेपी के साथ मिलकर JDU को कमजोर कर रहे थे.


‘उन्होंने (आरसीपी सिंह) अच्छा नहीं किया. हमने उन्हें बहुत सम्मान दिया. पार्टी का अध्यक्ष भी बना दिया. बाद में वो केंद्रीय मंत्री बन गए तब हमने उनसे पार्टी अध्यक्ष का पद छोड़ने के लिए कहा था.’
बिहार के मुख्यमंत्री ने आगे कहा,
‘वे (आरसीपी सिंह) छह महीने के लिए ही JDU अध्यक्ष थे. वो भी मेरे कहने पर बने थे. आजकल वे दुनिया-जहान की बातें कर रहे हैं. अब वे मेरे ही बारे में कुछ भी बोलते रहते हैं. आप जरा सोचिये कि जिस आदमी को हमने इतना सम्मान दिया, वो इस तरह की बात बोल रहा है. हमारे दल से जुड़े हुए लोगों को कितनी तकलीफ हुई है. हमने कहां से लाकर, कहां पहुंचा दिया. अब जिसके मन में जो बात आ रही है वो करे. जिसे जहां रहना है, रहे, जाइए अब सब खत्म.'
नीतीश ने ये भी कहा,
‘जब वो मंत्री बन गए तो हमने कहा कि अब अध्यक्ष पद छोड़ दीजिए, अब लल्लन जी को बनना है. उनको जो करना था वो किए, हमने कुछ नहीं कहा उनसे. आगे भी हम कुछ नहीं कहेंगे, लेकिन अनाप-शनाप बोलना सही नहीं है. जब वो मंत्री बन गए थे और किसी राज्य में जाते थे तो क्या वे हमारी पार्टी के नेताओं से मिलते थे? सब लोगों ने बहुत दुखी होकर ये बोला. उन्हें क्या नहीं दिया, अपनी जगह भी दे दी थी.'
नीतीश कुमार ने ये भी कहा कि आरसीपी सिंह उनसे बात किए बिना ही केंद्र में कैबिनेट मंत्री बन गए थे और बीजेपी के करीब होने लगे थे.
आरसीपी सिंह पर आरोप है कि वो बीजेपी के साथ मिलकर JDU को कमजोर करने की कोशिश कर रहे थे और महाराष्ट्र की तरह ही बिहार में बीजेपी के 'शिंदे मॉडल' का हिस्सा थे.
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक जब इस कथित साजिश की भनक नीतीश को लगी थी तो उनकी पार्टी ने आरसीपी सिंह को राज्यसभा भेजने से मना कर दिया है. इसके चलते उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री पद से भी इस्तीफा देना पड़ा था. आरसीपी सिंह ने हाल ही में JDU की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है.
अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा था,
'इस पार्टी में कुछ नहीं बचा है. वो डूबता हुआ जहाज है. हमसे चिढ़ है तो हमसे निपटो. हमारे पास विकल्प खुले हुए हैं.'
JDU ने आरसीपी सिंह को सीधे पार्टी से निकालने का कोई आदेश जारी नहीं किया था. बल्कि उन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर नोटिस जारी किया था. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा कहा गया कि जेडीयू का सीधा मकसद आरसीपी सिंह की छवि को पूरी तरह से धूमिल करना और विधायकों से उनके संपर्क को खत्म करना था.
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