बीते कुछ दिनों से जिस तरह पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ रहे हैं, आने वाले दिनों में इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) की डिमांड में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. दो हफ्ते से भी कम समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतें चार बार बढ़ चुकी हैं. इस दौरान दोनों की कीमतों में करीब 8 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है.
पेट्रोल-डीजल महंगा, अब सड़कों पर दिखेगा EVs का रेला, खरीदारों को और सब्सिडी मिलेगी?
अप्रैल में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में 75% का उछाल आया. जानकारों का कहना है कि जिस तरह से पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ रहे हैं ऐसे में आने वाले दिनों में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की डिमांड में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है


जानकारों का कहना है कि इसे देखते हुए आगे ईवी की बिक्री बढ़ने की संभावना है. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में 75% का उछाल आया है.
पेट्रोल और ईवी के खर्च में भारी अंतरइलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनी केजीवी हाइब्रिड ग्रीन मोबिलिटी के एमडी उत्तम सिंघल ने लल्लनटॉप से बातचीत में कहा कि जिस तरह से ईंधन के दाम लगातार बढ़ रहे हैं अब लोग इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और सीएनजी गाड़ियों को ज्यादा बेहतर विकल्प के तौर पर देख रहे हैं.
उनका कहना है कि पेट्रोल कार चलाने का मौजूदा खर्च 6-8 रुपये प्रति किलोमीटर है, जबकि ईवी कार की प्रति किलोमीटर लागत ‘2 से 3.5 रुपये प्रति किलोमीटर’ है. ये तो पब्लिक प्लेस पर लगे फास्ट चार्जिंग सेंटर्स की लागत है. घर पर ईवी चार्ज करने का खर्च तो और भी कम आता है.
उत्तम सिंघल आगे बताते हैं कि काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (CEEW) की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 में इलेक्ट्रिक दोपहिया चलाने की लागत करीब 1.48 प्रति किलोमीटर आती थी, जबकि पेट्रोल से चलने वाली बाइक की लागत 2.46 प्रति किलोमीटर थी. लेकिन पेट्रोल 8 रुपये प्रति लीटर महंगा होने से प्रति किलोमीटर लागत और बढ़ेगी. इसे देखते हुए ईवी वाहनों की मांग बढ़ सकती है.
एथर एनर्जी के चीफ बिजनेस ऑफिसर रवनीत सिंह फोकेला ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, "हाल तक यह माना जाता था कि हर घर में एक पेट्रोल वाहन होना चाहिए. अब लोगों के दिमाग में यह बात बैठ रही है कि घर में कम से कम एक ईवी होना अनिवार्य है."
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ईवी सब्सिडी बढ़ाने की तैयारीकेन्द्र सरकार इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर सब्सिडी दोगुनी करने की योजना बना रही है. मिंट में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक भारी उद्योग मंत्रालय पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर सब्सिडी देने के लिए अतिरिक्त धनराशि जुटाने की योजना बना रहा है.
पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत सरकार ने वित्त वर्ष 2026 मेंं 10,900 करोड़ रुपये आवंटित किए थे. इसमें से टू व्हीलर ईवी सब्सिडी के मद में 1772 करोड़ रुपये आंवटित हुए थे.
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अप्रैल में ईवी की बंपर बिक्रीफेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस के आंकड़ों से पता चलता है कि टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड अप्रैल 2026 में 8,543 गाड़ियां बेचकर पहले पायदान पर रही. अप्रैल 2025 कंपनी ने 4,822 वाहन बेचे थे.
इसी तरह से महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड 5,413 ईवी बिक्री के मामले में दूसरे स्थान पर रही. अप्रैल 2025 में 3,301 यूनिट की तुलना में यह करीब 64 पर्सेंट ज्यादा है. इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बात करें तो अप्रैल 2026 में कुल बिक्री 1 लाख 48 हजार 740 यूनिट रही. यह आंकड़ा पिछले साल अप्रैल में बेची गई 92 हजार 538 वाहनों से 60 पर्सेंट अधिक है.
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