इस पोस्ट के जवाब में भी एक पोस्ट शेयर किया जा रहा है जिसमें लिखा है कि गिरफ्तार नीरव मोदी का बड़ा बयान-13000 करोड़ में मेरा सिर्फ 50% हिस्सा है, बाकी सब भाजपा नेताओं का, चौकीदार ही चोर है. यह पोस्ट भी तेजी से वायरल हो रहा है. फेसबुक पर कई लोग इस पोस्ट को शेयर कर रहे हैं और लाइक्स कर रहे हैं.
नीरव मोदी ब्रिटेन में है. उसके प्रत्यर्पण के लिए प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने लंदन की वेस्ट मिंस्टर कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. नीरव मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी हो चुका है. ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता लिया और उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया. इसके बाद उसे कस्टडी में ले लिया गया. नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण में अभी लंबा वक्त लग सकता है. 29 मार्च के बाद कोर्ट से उसे कुछ शर्तो के साथ जमानत मिल सकती है. लंदन की सड़कों पर नीरव मोदी के नजर आने के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा था कि नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर कार्रवाई की जा रही है. विदेश मंत्रालय ने अगस्त, 2018 में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण का अनुरोध किया था. ब्रिटेन के अखबार टेलीग्राफ ने एक वीडियो जारी किया था. इसमें कहा गया कि 48 साल का नीरव मोदी लंदन की सड़कों पर लुक बदलकर घूम रहा है. भारत की पहल पर इंटरपोल ने नीरव के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया हुआ है. इस वीडियो में नीरव मोदी द्वारा लंदन में हीरा कारोबार चालू करने की भी बात कही गई है. नीरव मोदी ने इस इंटरव्यू में बहुत ही कम सवालों के जवाब दिए थे. वहीं कई सवालों के जवाब में नो कमेंट कहा था.
सोशल मीडिया पर जो दावा किया जा रहा है कि 13000 करोड़ में नीरव मोदी की सिर्फ 32% हिस्सेदारी है, बाकी कांग्रेसी नेताओं का है वह पूरी तरह फर्जी है. वहीं इस पोस्ट के जवाब में जो पोस्ट शेयर किया जा रहा है जिसमें नीरव मोदी के बयान का हवाला देते हुए लिखा है कि 13000 करोड़ में नीरव का सिर्फ 50% हिस्सा है, बाकी सब भाजपा नेताओं का है. यह पोस्ट भी फर्जी है.ये कथित बयान सिर्फ सोशल मीडिया पर ही देखने को मिल रहे हैं. इस पोस्ट को जिन यूजर्स द्वारा पोस्ट या शेयर किया जा रहा है वह एक खास विचारधारा का प्रतिनिधित्व करते हैं. नीरव मोदी का यह बयान किसी भी मीडिया संस्थान में देखने को नहीं मिला. अगर नीरव मोदी ने इतनी बड़ी बात कही होती तो वह किसी न किसी अखबार, टीवी न्यूज चैनलों या वेबसाइट्स पर देखने को मिलती. हमारी पड़ताल में पता चला कि यह पोस्ट फर्जी है. नीरव मोदी ने लंदन में इस तरह का कोई बयान नहीं दिया.
वीडियो देखें: क्या IAS के लिए इंटरव्यू में वैसे ही सवाल पूछे जाते हैं जो सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं?






















