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'उसने सारा दोष अपने ऊपर ले लिया… ', निखिल गुप्ता के परिवार ने बताया क्यों कबूल किया जुर्म

Gurpatwant Singh Pannun Assassination Plot: Nikhil Gupta ने जुर्म कबूल करने से कुछ दिन पहले फोन पर अपने परिवार से बात की थी, लेकिन इस बातचीत के दौरान उसने इस बात का कोई संकेत नहीं दिया था कि वह ऐसा कोई फैसला लेने जा रहा है. लेकिन वो एक बात को लेकर परेशान था.

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पुलिस की गिरफ्त में निखिल गुप्ता (फोटो: सोशल मीडिया)

खालिस्तानी आतंकी गुरुपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के मामले में आरोपी निखिल गुप्ता (Nikhil Gupta) ने अमेरिका की एक अदालत में अपना जुर्म कबूल कर लिया. निखिल के परिवार के एक करीबी सूत्र ने बताया, “परिवार इस लड़ाई को लंबे समय से लड़ रहा था. उसने शायद महसूस किया होगा कि इसका उन पर कितना बुरा असर पड़ रहा है. इसलिए उसने इसे खत्म करने का फैसला किया.”

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इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से लिखा, परिवार को इस बात का अंदाजा था कि ऐसा कदम उठाया जा सकता है, लेकिन निखिल के आखिरी फैसले के बारे में उन्हें शुक्रवार, 13 फरवरी को उनके वकील के जरिए ही पता चला. कुछ ही घंटों के भीतर यह खबर मीडिया में आने लगी थी. परिवार के करीबी सूत्र ने बताया कि यह निखिल के और उनके परिवार के लिए एक ‘लंबी और थका देने वाली’ कानूनी लड़ाई को खत्म करने का एक कदम था. आगे बताया,

उसने सरकारी गवाह बनकर कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन उसके वकील ने परिवार को बताया है कि उसने सारा दोष अपने ऊपर ले लिया है.

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सूत्रों के मुताबिक, निखिल की सजा और जेल की संभावना से उनकी पत्नी और मां सदमे में हैं. उसने जुर्म कबूल करने से कुछ दिन पहले फोन पर अपने परिवार से बात की थी, लेकिन उस बातचीत के दौरान उसने इस बात का कोई संकेत नहीं दिया था कि वह ऐसा कोई फैसला लेने जा रहा है.

निखिल गुप्ता (54) ने 13 फरवरी को न्यूयॉर्क सिटी स्थित मैनहट्टन फेडरेल कोर्ट में तीन आपराधिक आरोपों में अपना अपराध स्वीकार किया है. इन आरोपों के लिए अधिकतम उन्हें कुल 40 साल की जेल की सजा हो सकती है. उसने हत्या के लिए सुपारी देने, हत्या की साजिश रचने और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश रचने के आरोपों में अपना जुर्म कबूल किया है. 

इस मामले में जून 2024 में उनका प्रत्यर्पण चेक रिपब्लिक से अमेरिका में हुआ था. प्रत्यर्पण के तुरंत बाद उन्होंने खुद को निर्दोष बताया था. इससे पहले उनको चेक रिपब्लिक की राजधानी प्राग में करीब 1 साल तक हिरासत में रखा गया था. भारत ने पन्नू के खिलाफ किसी भी साजिश से खुद को अलग कर लिया है और कहा है कि ऐसे काम सरकारी नीति के खिलाफ हैं.

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अमेरिकी न्याय विभाग ने आरोप लगाया कि निखिल गुप्ता नाम के व्यक्ति ने 1 लाख अमेरिकी डॉलर देकर एक हत्यारे को किराए पर लेने की कोशिश की थी. यह हत्या अमेरिकी-कनाडाई दोहरी नागरिकता वाले गुरुपतवंत सिंह पन्नू की होनी थी. आरोप यह भी है कि गुप्ता ने यह सब भारत सरकार के एक अधिकारी के कहने पर किया, जिसकी पहचान अमेरिकी अधिकारियों ने विकास यादव के रूप में की है.

ये भी पढ़ें: निखिल गुप्ता ने कबूला अपना जुर्म, US कोर्ट से कहा- खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश रची

आरोप है कि मई 2023 में विकास ने निखिल से न्यूयॉर्क में पन्नू की हत्या की साजिश में मदद करने को कहा था. इन आरोपों के बाद भारत सरकार ने नवंबर 2023 में एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनाई. इस कमेटी ने जनवरी 2025 में अपनी रिपोर्ट दी. रिपोर्ट में अधिकारी का नाम नहीं बताया गया, लेकिन कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की गई और यह भी कहा गया कि जांच में उस व्यक्ति के पुराने आपराधिक संबंध सामने आए हैं.

वीडियो: आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश मामले में निखिल गुप्ता ने कोर्ट को क्या बताया?

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